सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना वैश्विक शिक्षा का नया केंद्र, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की पहली पसंद बन रहा लखनऊ विश्वविद्यालय

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लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, निवेश और नवाचार के साथ-साथ अब वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, विश्वविद्यालयों के आधुनिकीकरण, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की नीतियों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ विश्वविद्यालय है, जहां शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 77 देशों से रिकॉर्ड 3421 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
यह संख्या पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के 2083 आवेदनों की तुलना में 1338 अधिक है, अर्थात विश्वविद्यालय ने मात्र एक वर्ष में 64 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश अब केवल देश के छात्रों का ही नहीं, बल्कि दुनिया के विद्यार्थियों का भी भरोसेमंद शैक्षणिक गंतव्य बनता जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष 77 देशों के विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें बांग्लादेश, नेपाल, नाइजीरिया, सूडान और तंजानिया से सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों से भी आवेदन प्राप्त होना विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण माना जा रहा है।

पाठ्यक्रमवार आंकड़ों पर नजर डालें तो स्नातक (यूजी) कार्यक्रमों के लिए सर्वाधिक 2552 आवेदन प्राप्त हुए हैं। स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए 595 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि विभिन्न विषयों में पीएचडी के लिए 274 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में बढ़ती रुचि विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता और अनुसंधान क्षमता को भी रेखांकित करती है।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, स्मार्ट कैंपस, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, शोध संस्कृति को प्रोत्साहन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों की वैश्विक छवि को मजबूत किया है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अब उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।

इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आवेदनों में हुई यह अभूतपूर्व वृद्धि विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और छात्र-अनुकूल वातावरण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित बहुविषयक पाठ्यक्रम, वैश्विक अनुसंधान के अवसर तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दुनिया भर में सराहना मिल रही है। विश्वविद्यालय अपने सभी विदेशी विद्यार्थियों को सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ ने प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी आवेदनों का दस्तावेज सत्यापन, पात्रता परीक्षण तथा वीजा संबंधी औपचारिकताओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा ताकि विदेशी विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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