Viral Girl Case: पति की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने कहा- ट्रायल में तय होगी उम्र

Date:

खरगोन
महाकुंभ से वायरल हुईं मोनालिसा ने इसी साल 11 मार्च को अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान संग केरल में शादी की थी. उनकी इंटरफेथ मैरिज पर जमकर बवाल हुआ. बताया गया कि मोनालिसा नाबालिग हैं. फरमान पर उन्हें भड़काने के आरोप लगे. हालांकि फरमान ने मीडिया के सामने मोनालिसा के 18 प्लस होने का दावा किया. फिर जांच पड़ताल में सामने आया कि मोनालिसा नाबालिग हैं. अब इस केस में फरमान की मुश्किल और बढ़ गई है। 

जेल जाएंगे फरमान?
खरगोन जिले के जिला न्यायालय मण्डलेश्वर की विशेष POCSO कोर्ट ने फरमान की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की. फरमान पर नाबालिग मोनालिसा को केरल ले जाकर शादी करने के आरोप हैं. फरमान पर नाबालिग मोनालिसा को केरल ले जाकर शादी करने का आरोप एक्ट्रेस के माता-पिता ने लगाया था. कोर्ट ने माना कि आरोपी फरार है, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है. महेश्वर थाने में बीएनएस, सहित अन्य धाराओं में दर्ज मामले में राहत देने से कोर्ट ने इनकार किया है। 

महेश्वर पुलिस ने इन धाराओं में केस डायरी पेश की
मोनालिसा के मामले में ऑडियो विभाग के अधिकारी पुलिस महेश्वर श्वेता शुक्ला ने पुलिस थाना महेश्वरी में धारा 137,( 2), 81,83, 87 भारतीय न्याय संहिता और धारा 9 बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम साथ ही धारा 3(2) v, 3(2) (va) अजजा, अजा अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की केस डायरी सहित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। 

महेश्वर नगरपरिषद में गलत बर्थडेट दर्ज
जांच की शुरुआत केरल के नयनार देवा मंदिर से हुई. मंदिर प्रशासन ने जांच में बताया कि मोनालिसा और फरमान की शादी आधार कार्ड में लिखी ऐज के बेसिस पर की गई है. केरल के पुअर गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय में इस शादी का पंजीकरण किया गया है. इसमें मोनालिसा के गलत जन्म प्रमाण पत्र को आधार बनाया गया है. जांच टीम ने पाया कि ये गलत जन्म प्रमाण पत्र नगरपालिका महेश्वर से जारी किया गया है. उसके बाद जांच टीम ने तत्काल मध्यप्रदेश महेश्वर के सरकारी मेडिकल अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की. फिर पाया कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 हुआ था. जिसके आधार पर वो केरल में संपन्न विवाह 11 मार्च, 2026 को मात्र 16 वर्ष 2 माह और 12 दिन की थी। 

साथ ही जांच टीम ने पूर्व में स्थानीय नगरपालिका महेश्वर द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, जो गलत जन्म तिथि के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें मोनालिसा की जन्म तिथि 1/1/2008 लिखाई गई थी, उसे निरस्त करवाने में भी कानूनी प्रावधानों का अध्ययन कर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया. जन्म प्रमाण पत्र के इस दस्तावेजी प्रमाण ने विवाह के पक्षकारों  की साजिश को बेनकाब कर दिया. मोनालिसा के माता-पिता ने उनके रक्त संबंधियों के जाति प्रमाण पत्र भी आयोग को उपलब्ध कराए गए. जिससे ये बात भी साबित हो गई कि मोनालिसा के माता-पिता अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्य हैं। 

महेश्वर के सरकारी रिकार्ड में नाबालिग मोनालिसा
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष अन्तर सिंह आर्य के निर्देश पर गठित जांच दल ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के गांवों तक गहन छानबीन की. 72 घंटे में केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक सारे तार जोड़कर सच को उजागर कर दिया। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पांच जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

पटना  राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव कमजोर होने के...

30 हजार भूमिहीनों का घर का सपना होगा पूरा, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

मुजफ्फरपुर. बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राज्य सरकार एक...

जर्मनी में मास्टर्स के लिए नया नियम: भारतीय छात्रों को अब देना होगा dMAT एग्जाम

जर्मनी में मास्टर्स करने की प्लानिंग कर रहे भारतीय...