पटना
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित पताही एयरपोर्ट से छोटे विमानों की सेवा शुरू करने की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। इसी कड़ी में पताही एयरपोर्ट को कोड-बी एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन निर्माण का काम अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा। वहीं, रनवे के लिए दस दिन में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 43 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण एवं विकास के प्रथम चरण का कार्य दो जुलाई से शुरू हो गया है। इसके तहत 23 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन, फायर स्टेशन भवन सहित अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में पूरी की जाएगी।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार परियोजना के प्रथम चरण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पिछले महीने निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित करते हुए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया था। दो जुलाई से निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत भी हो गई है। एजेंसी को कार्य पूरा करने के लिए 11 माह की समय-सीमा दी गई है। निर्धारित समय के अनुसार टर्मिनल भवन अगले वर्ष जून तक तैयार हो जाएगा। उत्तर बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पटना, गयाजी, दरभंगा और पूर्णिया से नागरिक विमान सेवाएं शुरू होने के बाद अब मुजफ्फरपुर से भी उड़ान शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
छोटे विमानों के संचालन की तैयारी
एयरपोर्ट के रनवे को विकसित करने के लिए अगले दस दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। नागरिक विमानों के संचालन के अनुरूप रनवे को तैयार करने के लिए उसका पक्कीकरण किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां से छोटे विमानों के संचालन की योजना है। इसे ध्यान में रखते हुए टर्मिनल भवन की क्षमता एक समय में लगभग 150 यात्रियों के आवागमन के अनुरूप विकसित की जा रही है।
दशकों पुरानी मांग पर दस साल पहले शुरू हुई पहल
दशकों से पताही एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की मांग उठ रही थी, लेकिन 10 साल पहले ही इसपर गंभीर पहल शुरू हुई। तत्कालीन डीएम आनंद किशोर के समय दो निजी विमान कंपनियों ने निजी सेवा में रुचि दिखाई, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद डीएम मो. सोहैल ने वाणिज्य मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी कि एयरपोर्ट चालू होने से यहां प्रति व्यक्ति आय में कम से कम चार फीसदी का इजाफा होने की संभावना है।
इसके लिए उन्होंने एयर ट्रैफिक सर्वे भी कराया, जिसमें बताया गया कि उत्तर बिहार से करीब सात हजार यात्री पटना जाकर विमान पकड़ते हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट चालू करने के लिए 548 एकड़ जमीन की मांग के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। लोगों की उम्मीदें तब जगी जब नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा में एयरपोर्ट के पुन: चालू करने की घोषणा की। इसके बाद ही इसे घरेलू विमान सेवा के लिए चुना गया और अब टर्मिनल अगले साल जून तक पूरा करने का टेंडर पास हुआ है।

