फर्जी मार्कशीट से नौकरी का खुलासा, रायपुर में GST विभाग के दो कर्मचारी हुए बर्खास्त

Date:

रायपुर.

फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग ने दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने मंगलवार को किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए।

दोनों कर्मचारियों पर वर्ष 2013 की भृत्य भर्ती में कक्षा आठवीं की फर्जी अंकसूची प्रस्तुत कर नौकरी हासिल करने का आरोप था। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में हुई भृत्य भर्ती के दौरान दोनों अभ्यर्थियों ने कक्षा आठवीं की अंकसूची में 96 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाए थे। इसी मेरिट के आधार पर उनका चयन हुआ। बाद में दोनों की पदोन्नति होकर सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति हो गई। मामले में किशोर पटेल का नाम उस समय भी चर्चा में आया था, जब वह कर्मचारी संघ का नेता बन गया था। बताया जाता है कि तत्कालीन विशेष आयुक्त टी.एल. ध्रुव के समन्वय कक्ष में पदस्थापना के दौरान टाइपिंग कार्य को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद किशोर पटेल ने कर्मचारी संघ और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी थी। यह मामला मीडिया में भी प्रमुखता से सामने आया था।

बलौदाबाजार के कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि किशोर पटेल और भागवत पटेल की कक्षा आठवीं की अंकसूचियां फर्जी हैं। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित मिडिल स्कूल की परीक्षा परिणाम पंजी को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में सामने आया कि समतुल्यता परीक्षा में अनुपस्थित परीक्षार्थियों के रोल नंबर का उपयोग कर कथित रूप से फर्जी अंकसूचियां तैयार की गई थीं। आरोप है कि इस पूरे मामले में तत्कालीन प्रधान पाठक, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सारंगढ़ और जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया गया।

शिकायत मिलने पर जीएसटी आयुक्त की ओर से अंकसूचियों के सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया था। उस समय अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में अंकसूचियों को सही बताया था। हालांकि बाद में विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और अंततः दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जिन शिक्षा अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों को सत्यापित करने और कथित संरक्षण देने के आरोप हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल बर्खास्तगी ही नहीं, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने का भी प्रावधान है। फिलहाल इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बिहार राजस्व अदालतों में नई व्यवस्था लागू, ऑनलाइन दस्तावेजों से ही होगी सुनवाई

पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व न्यायालयों में...

पंजाब में वकीलों की हड़ताल से न्यायिक कामकाज प्रभावित, अदालतों में ठप पड़े काम

बरनाला. लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के विरोध में जॉइंट...

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के साझा प्रयासों को और सशक्त बनाने पर दिया गया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन...

बांकीपुर सीट पर सियासी मुकाबला दिलचस्प, प्रशांत किशोर के साथ आए शत्रुघ्न सिन्हा; BJP के टिकट पर नजर

पटना. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य...