वास्तु शास्त्र में रोटी का महत्व, कड़क या फूली रोटी देती संकेत

Date:

 वास्तु शास्त्र में रसोई घर को मंदिर के समान पूजनीय माना गया है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. शास्त्रों के अनुसार, जब हम भोजन तैयार करते हैं, तो उस समय हमारी रसोई की दिशा, हमारे विचार और भोजन का स्वरूप घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है. इसमें सबसे खास है हमारे भोजन का आधार यानी रोटी.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तवे पर रोटी का बहुत ज्यादा कड़क हो जाना या फिर उसका बेहद सॉफ्ट और फूला हुआ बनना, आपके घर के वास्तु और कुंडली के ग्रहों की स्थिति को बयां करता है. अगर आपके साथ भी रोटी बनाते वक्त यह होता है तो जानते हैं इसके पीछे का वास्तु कारण.

रोटी का बहुत ज्यादा कड़क सिकना
वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आपके घर में रोटियां अक्सर जरूरत से ज्यादा कड़क, सूखी या पापड़ जैसी सिकती हैं, तो वास्तु और ज्योतिष के अनुसार इसके कई प्रभाव हो सकते हैं.

मंगल और राहु का प्रभाव
ज्योतिष में कड़क, जली हुई या जरूरत से ज्यादा सूखी रोटी का संबंध राहु और अशुभ मंगल से जोड़ा जाता है.

घर में कलह और क्रोध
वास्तु के अनुसार, कड़क रोटी खाने से शरीर में पित्त यानी गर्मी बढ़ती है. माना जाता है कि ऐसी रोटियां घर के सदस्यों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा और आपसी मतभेद बढ़ाती हैं.

नकारात्मक ऊर्जा का संकेत
यदि आटा सही गूंधने के बाद भी रोटियां बार-बार कड़क हो रही हैं, तो यह रसोई में अग्नि कोण के दूषित होने या खाना बनाने वाले के मन में नकारात्मक विचार होने का संकेत है.

रोटी का सॉफ्ट और फूली हुई सिकना
शुक्र और चंद्रमा की शुभता
मुलायम, सफेद और अच्छी तरह फूली हुई रोटी चंद्रमा और शुक्र को मजबूत करती है.

सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम
जिस घर में रोटियां सॉफ्ट और अच्छी बनती हैं, वहां के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है. यह इस बात का प्रतीक है कि रसोई में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह है और भोजन सकारात्मक भाव से बनाया गया है.

बरकत और सुख
ऐसी रोटियां परिवार में संतुष्टि और खुशहाली लाती हैं, जिससे घर में धन-धान्य की बरकत बनी रहती है.

रोटी बनाते समय रखें ध्यान
पहली रोटी गाय की- रसोई में जब भी रोटियां बनना शुरू हों, तो पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालनी चाहिए. इस रोटी में थोड़ा सा घी या गुड़ रख दें. इससे घर के पितृ दोष और ग्रह दोष शांत होते हैं.

आखिरी रोटी कुत्ते की- तवे पर बनने वाली आखिरी रोटी कुत्ते के लिए होनी चाहिए. इससे राहु-केतु और शनि की अशुभता दूर होती है.

तवे को लेकर सावधानी- रोटी सेकने के बाद तवे को कभी भी सीधा गैस पर न छोड़ें और न ही उसे सिंक में गंदे बर्तनों के बीच डालें. तवा ठंडा होने के बाद उसे धोकर छुपा कर रखें, सामने चमकता हुआ तवा रखना वास्तु में अच्छा नहीं माना जाता है.

दिशा का ध्यान- रोटी बनाते समय आपका मुख हमेशा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. इससे स्वास्थ्य और समृद्धि दोनों अच्छी रहती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

UGC NET पेपर लीक के दावे से मचा बवाल, हरियाणा के छात्र नेता के आरोप पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला

रोहतक. महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के छात्र नेता दीपक धनखड़ का...

झारखंड के कृषि उत्पादों को मिला डिजिटल बाजार, सेतु सेल से किसानों की बढ़ी आय

रांची  कृषि उत्पादों की दृष्टि से झारखंड देश में अग्रणी...

UP BJP अध्यक्ष ने राम मंदिर विवाद पर दिखाई सख्ती, कहा- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

 मिर्जापुर उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को...