पेट्रोल-एथेनॉल दोनों पर दौड़ेगी Hero की नई बाइक, लॉन्च इवेंट में शामिल होंगे पेट्रोलियम मंत्री

Date:

नई दिल्ली

स्वदेशी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp आगामी 3 जून को अपनी एक नई मोटरसाइकिल बाजार में उतारने वाली है. इस बाइक को लेकर खास बात यह है कि यह बाइक 100 प्रतिशत फ्लेक्स-फ्यूल यानी E100 (100 प्रतिशत इथेनॉल) पर चलेगी और यह कंपनी की पहली फ्लेक्स-फ्यूल बाइक होने वाली है। 

यह लॉन्च कंपनी के अल्टरनेटिव फ्यूल की तरफ बढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि इस मोटरसाइकिल को पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी और रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी की मौजूदगी में लॉन्च किया जाएगा। 

नए फ्यूल के विकल्प
Hero MotoCorp की इस मोटरसाइकिल की सबसे बड़ी खासियत इसकी 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने की क्षमता है. यह बात इसे भारत में अभी बिक रहे फ्लेक्स-फ्यूल टू-व्हीलर्स से बिल्कुल अलग बनाती है. उदाहरण के लिए बता दें कि Suzuki Gixxer SF 250 और Honda CB 300F फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें हैं, लेकिन ये प्योर इथेनॉल का इस्तेमाल नहीं करती हैं, बल्कि E85 फ्यूल के लिए ट्यून की गई हैं। 

कंपनी ने यह लॉन्च ऐसे समय में रखा है कि जब सरकार फ्यूल में ज़्यादा विविधता लाने पर ज़ोर दे रही है. पश्चिम एशिया संकट के बाद, तेल कंपनियों को पेट्रोल पंपों पर फ्लेक्स-फ्यूल की उपलब्धता बेहतर करने के लिए बढ़ावा दिया गया है, जिससे इन अल्टरनेटिव फ्यूल गाड़ियों को बाज़ार में ज़्यादा मज़बूत इस्तेमाल मिल रहा है। 

Hero HF Deluxe का फ्लेक्स फ्यूल वर्जन किया था प्रदर्शित
Hero MotoCorp ने 2025 भारत मोबिलिटी एक्सपो में अपने फ्लेक्स-फ्यूल डायरेक्शन का प्रीव्यू पहले ही कर दिया था. वहां, कंपनी ने जयपुर में अपने सेंटर फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (CIT) में डेवलप की गई Hero HF Deluxe का इथेनॉल-बेस्ड वर्जन प्रदर्शित किया था। 

कंपनी ने उस प्रोटोटाइप में 100cc का BS6 इंजन इस्तेमाल किया था और इसे E20 से E85 तक के इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल के साथ काम करने के लिए इंजीनियर किया गया था. इस मोटरसाइकिल को सरकार की क्लीनर और रिन्यूएबल फ्यूल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की कोशिशों के चलते डिजाइन किया गया था। 

फ्लेक्स फ्यूल क्यों है जरूरी
बता दें कि फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां पेट्रोल और इथेनॉल के मिश्रण पर चलने के लिए बनाई जाती हैं, जिनमें इथेनॉल की मिलावट अलग-अलग होती है. इसका उद्देश्य फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करना और स्टैंडर्ड पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों के मुकाबले उत्सर्जन को कम करना है. भारत के लिए, यह तकनीक ट्रांसपोर्ट फ्यूल में इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने की बड़ी कोशिशों में भी फिट बैठती है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

हरियाणा में NEET परीक्षा को लेकर सख्ती, पेपर लीक रोकने खुफिया तंत्र रहेगा एक्टिव

पंचकूला. 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश...

UPSC में असफल? इन 5 सरकारी परीक्षाओं से बन सकता है अफसर बनने का सपना

IAS, IPS बनने के लिए हर साल लाखों उम्मीदवार...

लोगों को बड़ी राहत! चंडीगढ़ में एक ही छत के नीचे होंगे सभी सरकारी काम

चंडीगढ़. प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी...