पटना
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को जन वितरण प्रणाली की प्रगति पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य में खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने, पारदर्शी व्यवस्था, कुशल वितरण और बेहतर नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
राज्य में इस अधिनियम की निर्धारित सीमा के अंतर्गत 46,93,806 रिक्तियों को भरने के लिए कुल 11,04,425 नए राशन कार्ड जारी करने का लक्ष्य तय किया गया ।
13 अगस्त प्रतिदिन जारी होंगे 36 हजार से ज्यादा राशन कार्ड
इस अभियान को 13 अगस्त तक पूरा करने के लिए पूरे राज्य में 36,814 राशन कार्ड प्रतिदिन जारी करने का कड़ा दैनिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा यह जानकारी दी गई कि पटना जिले में सर्वाधिक 1,18,649 नए राशन कार्ड जारी किए जाने हैं, जिसके लिए प्रतिदिन 3,955 का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद वैशाली (1,03,704 कार्ड; 3,457 प्रतिदिन) और मुजफ्फरपुर (86,175 कार्ड; 2,873 प्रतिदिन) जिले को तेजी से कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अरवल जिले में सबसे कम शेष रिक्ति होने के कारण वहां कुल 2,180 नए कार्ड (73 प्रतिदिन) जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी डीएम और संबंधित आपूर्ति पदाधिकारी 13 अगस्त की समय-सीमा को अंतिम मानकर पूरी मुस्तैदी से काम करें।
डीएम स्वयं करेंगे लक्ष्य की समीक्षा
प्रतिदिन के तय लक्ष्यों की समीक्षा स्वयं जिला स्तर पर करें। शत-प्रतिशत पारदर्शिता और जवाबदेही: लोक शिकायत निवारण और राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और कुशल बनाया जाए।
ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को अपने अधिकार से वंचित न होना पड़े। कम लक्ष्य वाले जिलों में त्वरित निष्पादन: जिन जिलों में शेष सीलिंग और लक्ष्य कम हैं (जैसे अरवल, बक्सर, जेहानाबाद), वहां के अधिकारी प्रक्रिया को अविलंब पूरा कर सबसे पहले लक्ष्य हासिल करें।

