जालंधर
पंजाब पुलिस ने अपने ही एक इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया है. यह वही अधिकारी हैं, जिनका नाम कुछ समय पहले अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने एक कथित 4 लाख डॉलर (करीब 3.4 करोड़ रुपये) की रंगदारी से जुड़े मामले में लिया था।
एफबीआई ने अपने आरोपों में कहा था कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय रंगदारी गिरोह से जुड़े थे. एजेंसी का दावा था कि वह गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया समेत अन्य अपराधियों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के परिवारों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल थे।
एफबीआई के अनुसार, इस कथित नेटवर्क के जरिए अमेरिका में रहने वाले लोगों को धमकियां देकर उनसे करीब 4 लाख डॉलर की रंगदारी वसूलने की कोशिश की गई. एजेंसी ने दावा किया था कि इस पूरे नेटवर्क में गैंगस्टरों के साथ कुछ स्थानीय सहयोगियों की भी भूमिका थी, जिनमें इंस्पेक्टर नागरा का नाम भी शामिल था।
FBI द्वारा चलाए गए ऑपरेशन हार्ड बॉल में लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में नागरा का नाम भी फिरौती मांगने में आया था। DIG नवीन सिंगला ने नागरा को लाइन हाजिर कर SP विनीत अहलावत को जांच सौंपी थी।जांच के बाद शुक्रवार देर रात इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन और करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
FBI के ऑपरेशन में नागरा का नाम आया था
10 जुलाई को अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट आपरेशन में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया।
अमेरिकी परिवार से फिरौती मांगने का आरोप
रिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई।
AAP वर्कर की हत्या से जुड़ा नाम
अमेरिका रह रहे रिटायर ASI चरनजीत सिंह ने शिकायत में कहा था- 15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
SHO गुरिन्द्रजीत सिंह नागरा ने कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्या का केस सुलझाने का दावा किया था। दावा किया था कि अमेरिका रह रहे रिटायर ASI इसके आरोपी हैं। उन्हीं से फिरौती मांगने का नागरा पर आरोप लगा था।
SHO नागरा ने रिटायर्ड ASI पर आरोप लगाया
टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई। 24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई।
पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई।
SHO नागरा इस तरह विवाद में फंसे
उधर, अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की।
अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है।
गैंगस्टर भगवानपुरिया का विदेशी हैंडलर भी गिरफ्तार
पंजाब के गुरदासपुर बेस्ड गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के विदेशी हैंडलर और गुरदासपुर के ही रहने वाले नितिश कौशल पहले ही अमेरिकी एजेंसी एफबीआई द्वारा अरेस्ट किया जा चुका है। ये गिरफ्तारी बीती रात को कनाडा-अमेरिका बॉर्डर पर की गई। नीतिश को एफबीआई ने तीन दिन पहले ही मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाला था। आपरेशन हार्ड बॉल में उसका पहली बार नाम सामने आया था। उस पर नशा तस्करी और हत्याओं के कई केस दर्ज हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल और अमेरिकी एजेंसियों के जॉइंट अभियान के बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी है, जिसके बाद अब भारत प्रत्यर्पण और आगे की जांच से जुड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है।

