हमारी बेटियां किसी से कम नहीं, क्रांति लेकर आईं हैं प्रदेश में खेल क्रांति

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भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में 'खेलो बढ़ो अभियान' के अंतर्गत सांसद कप, विधायक कप के माध्यम से प्रदेश के हर विधानसभा और तहसील स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। राज्य सरकार के इसी संकल्प का परिणाम है कि आज प्रदेश के खिलाड़ी क्रिकेट टूर्नामेंट्स, ओलिम्पिक गेम्स, खेलो इंडिया गेम्स में पदक जीत कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटों के साथ-साथ हमारी बेटियां भी किसी से कम नहीं है। मध्यप्रदेश की बेटी सु क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर पूरे देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर सु क्रांति गौड़ और उनके पिता  नरसिंह एवं भाई  महेन्द्र सिंह को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर सु गौड़ को बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की लाड़ली बिटिया और हमारी छोटी बहन सु क्रांति प्रदेश में नई खेल क्रांति लेकर आईं हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मप्र शासन की ओर से लार्ड्स के 'टेस्ट ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराने वाली देश की पहली महिला क्रिकेटर सु क्रांति गौड़ को तीन लाख रुपए का चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लार्ड्स के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड पर बुंदेलखण्ड की गौरव सु क्रांति गौड़ के सात विकेट लेकर बेहतरीन प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की तथा क्रांति को इस बड़ी उपलब्धि के लिए अपनी ओर से दो लाख रूपये की सम्मान राशि का चेक भी सौंपा।

परिवार के सपोर्ट के बिना संभव नहीं था ब्लू जर्सी पहनना : सु गौड़

क्रिकेटर सु क्रांति गौड़ ने क्रिकेट खिलाड़ियों एवं मप्र खेल अकादमी के युवा खिलाड़ियों से संवाद भी किया। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी सु गौड़ ने कहा कि उन्होंने बचपन में अनेक संघर्षों के बीच यह तय कर लिया था कि उन्हें टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहननी है। बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय मंच तक की यात्रा माता-पिता और परिवार के सहयोग एवं समर्थन के बिना पूरी नहीं हो सकती थी। सु क्रांति ने कहा कि उनके सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने बारिश के मौसम में भी टपकते मकान के नीचे और रसोई में राशन नहीं होने जैसे मुश्किल दिन भी गुजारे हैं। अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए उन्होंने ठान लिया था कि अब कुछ भी हो देश और अपनों के लिए कुछ कर गुजरना है।

कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, खेल सचिव  संजीव सिंह, संचालक खेल एवं युवक कल्याण  अंशुमान सिंह यादव सहित खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी भी उपस्थित थे।

 

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