पाकुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 13 मामलों में वांछित अमन अंसारी दबोचा गया

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 पाकुड़

 कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं, लेकिन नगर थाना क्षेत्र में सक्रिय शातिर दिमाग अपराधी अमन अंसारी ने इन हाथों को बार-बार बौना साबित करने की कोशिश की है। अमन आज पाकुड़ शहर और आसपास के इलाकों में खौफ, चोरी और नशे के काले कारोबार का दूसरा नाम बन चुका है।

हैरान करने वाली बात यह है कि अमन किसी अंतर-प्रांतीय गैंग का हिस्सा नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही इतना सक्रिय है कि सिर्फ नगर थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ 13 संगीन मामले दर्ज हैं।

एक ही थाने की डायरी में किसी एक अपराधी का नाम बार-बार आना यह साफ बयां करता है कि वह पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द और आम अवाम के सुकून के लिए नासूर बन चुका है।

अपराधी अमन अंसारी का अपराध की दुनिया का इतिहास आज का नहीं, बल्कि पूरे 11 साल पुराना है। पुलिस रिकार्ड के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि उसने साल 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

शुरुआती दौर वर्ष 2015 में अमन के विरुद्ध पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में चोरी और सेंधमारी करने का पहला मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद अमन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अमन के अपराध के रिकार्ड ने यह साबित कर दिया है कि वह मामूली चोर नहीं, बल्कि एक आदतन अपराधी बन चुका है।

अमन अंसारी का यह पूरा क्रिमिनल ग्राफ दिखाता है कि वह हर बार जेल जाता है, जमानत पर बाहर आता है और फिर से उसी दुस्साहस के साथ पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र को अपनी आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बना लेता है।

सेंधमारी से लेकर नशा तस्करी का फैलाया जाल
समय के अनुसार अमन अंसारी का हौंसला बुलंद होता चला गया। उसने सिर्फ घरों में ताले चटकाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि शहर के युवाओं को खोखला करने वाले नशीले पदार्थों के धंधे में भी पैर पसार लिया।

वर्ष 2019 में पाकुड़ नगर थाना में उसके खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज है। यह इस बात का सबूत है कि अमन अब न सिर्फ संपत्ति संबंधी अपराध कर रहा था, बल्कि नशीली दवाओं की तस्करी के सिंडिकेट से भी जुड़ चुका था।

रोनी शेख भी हैं चर्चित
पुलिस के हत्थे चढ़ा मौलाना चौक निवासी रोनी शेख का भी अपराधिक रिकार्ड रहा है। यह भी शातिर अपराधी है। रोनी के विरुद्ध पाकुड़ नगर थाना में दो मामले दर्ज हैं, जबकि एक मामला पाकुड़ आरपीएफ में है। नलपोखर निवासी बजीर भी इसके पूर्व जेल की हवा खा चुका है। इन अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने राहत की सांस ली है।

पुलिस ने राहत की सांस
लॉकडाउन के समय यानी वर्ष 2020 में भी वह काफी सक्रिय रहा। उस समय भी अमन ने सूनी सड़कों और बंद दुकानों को अपना निशाना बना रहा था। वर्ष 2021, वर्ष 2022 में अमन सक्रिय रहा। पुलिस के लिए वह सिरदर्द बन गया था। हाल ही में शहर में हुई कई चोरी की घटनाओं में शामिल है। अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।

 

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