मध्य प्रदेश में 8 जिलों पर हैवी रेन का अलर्ट, 48 जिले सामान्य से कम बारिश की मार झेल रहे; भोपाल में बदला मौसम

Date:

भोपाल
 मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ और दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से सोमवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना है। भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार सुबह हल्की बारिश का दौर देखने को मिला।

इन जिलों में बारिश होने के आसार
इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं।

प्रदेश में अब भी बारिश का बड़ा घाटा
अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

ज्यादातर जिले अब भी सामान्य से पीछे
प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। 

28 से 30 जुलाई के बीच फिर तेज होगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के पास पहुंच चुका है। यह तंत्र झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके असर से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 

औसत से अब भी कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 336.7 मिमी (13.2 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 407 मिमी (16 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे पूर्वी जिलों की स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है।

मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
मौसम में आ रहे इस बदलाव के पीछे का कारण दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की सक्रियता है. मानसून ट्रफ राज्य के श्योपुर, दतिया और सीधी जिले के ऊपर से गुजर रही है. इन तमाम मौसमी हलचलों की वजह से पूरे राज्य में नमी बनी हुई है और कुछ जिलों में हल्की से भारी बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। 

मौसम विभाग ने दी सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र ने बारिश और आंधी-तूफान को देखते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था बनाए रखें. खेत में ज्यादा पानी नुकसानदायक होता है. इसके अलावा कटी हुई फसलों, चारे आदि को तिरपाल से सुरक्षित ढक दें. आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, खुले खेतों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों. सुरक्षित पक्के मकानों में ही रहें. भारी बारिश के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें. अगर बहुत जरूरी हो, तो पूरी सावधानी के साथ यात्रा करें। 

पूर्वी हिस्से के सभी जिले पिछड़े मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में औसत 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 16 इंच (407 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 2.8 इंच यानी, 17 प्रतिशत बारिश कम हुई है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

47 जिलों में सामान्य से कम बारिश
राज्य के 47 जिलों में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

ओबीसी आरक्षण के बाद बदलेगा चुनावी गणित, राजस्थान में बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

जयपुर राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर...

नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात...

लक्षण बिना भी शरीर में छिपी रह सकती है टीबी, विशेषज्ञों ने दी जांच की सलाह

लखनऊ प्रदेश की आधी आबादी लक्षणविहीन तपेदिक (टीबी) के जीवाणुओं...