MP में बड़ा प्रशासनिक बदलाव संभव, शहडोल कलेक्टर मिशा सिंह के अवकाश आवेदन के बाद अटकलें तेज

Date:

शहडोल
 शहडोल कलेक्टर पद पर 24 जुलाई को पदस्थ की गईं मिशा सिंह की जगह किसी अन्य अधिकारी को कलेक्टर बनाया जा सकता है। वे निजी कारणों से अवकाश पर जा रही हैं।उन्होंने इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग से आग्रह भी किया है। वहीं, रतलाम कलेक्टर बनाए गए अजय कटेसरिया भी एक सप्ताह बाद ज्वाइन करेंगे। उन्हें विभागीय कार्य के कारण रोका गया है। 

पांच साल तक निरंतर रखी जाने वाली योजनाओं के प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखी जाने वाली योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। साथ ही सिंतबर में होने वाले महिला खेल प्रतियोगिता की तैयारी को लेकर चर्चा होगी।

आईएएस मीशा सिंह अब शहडोल कलेक्टर के रूप में ज्वाइन नहीं कर पाएंगी। विगत 24 जुलाई को हुए थोक बंद तबादलों में उनका भी नाम था। लेकिन वे शहडोल कलेक्टर के रूप में ज्वाइन नहीं करेंगी। इसी के साथ रतलाम कलेक्टर के रूप में आईएएस अजय कटेसरिया की नियुक्ति पर भी फिलहाल रोक लग गई है। 

मानवीय कारणों से अटकी पोस्टिंग 
बता दें कि शुक्रवार रात को ही मोहन यादव सरकार ने 20 आईएएस के ट्रांसफर किए थे। इनमें रतलाम कलेक्टर आईएएस मीशा सिंह को शहडोल कलेक्टर, शहडोल कलेक्टर आईएएस केदार सिंह को अवर सचिव लोक निर्माण विभाग और आईएएस अजय कटेसरिया को जीएडी भोपाल से रतलाम कलेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 

इससे पहले कि अफसर नई जिम्मेदारियां संभालते आईएएस मीशा सिंह की एक एप्लीकेशन ने खुद उनकी और अजय कटेसरिया की ज्वाइनिंग अटका दी। दरअसल आईएएस मीशा सिंह ने प्रेगनेंसी के कारण शहडोल कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभालने से इंकार कर दिया है। इससे आनन- फानन में आईएएस अजय कटेसरिया को भी सात दिन तक रतलाम कलेक्टर के रूप में ज्वाइन नहीं करने को कहा गया है। 

शहडोल को मिलेगा नया कलेक्टर
नई परिस्थितियों के चलते अब शहडोल कलेक्टर के रूप में किसी नए अफसर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वहीं मीशा सिंह को भोपाल में पोस्टिंग दी जाएगी। ऐसे में मीशा सिंह के पोस्टिंग ऑर्डर के बाद ही आईएएस अजय कटेसरिया रतलाम कलेक्टर के रूप में ज्वाइन कर सकेंगे।

मातृत्व अवकाश पर क्या है नियम
सरकारी सेवा में महिला अधिकारियों को मातृत्व अवकाश का प्रावधान मिलता है। नई पोस्टिंग से पहले निजी परिस्थितियों पर विचार करना सामान्य प्रक्रिया है। ऐसे मामलों में अफसर खुद विभाग को आवेदन देते हैं। इसके बाद सरकार नए सिरे से फैसला लेती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

देश का मोस्ट वॉन्टेड नक्सली मिसिर बेसरा कौन? 2 करोड़ का इनाम, 150+ मामलों में वांछित

रांची नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में मंगलवार को सुरक्षा बलों...

1 अगस्त को बदलेगी शुक्र की चाल, इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

अगस्त महीने की शुरुआत में ही ब्रह्मांड में एक...

मूंग की MSP खरीद को लेकर उग्र हुए किसान, भोपाल में CM हाउस मार्च की तैयारी

भोपाल  एमपी में मूंग खरीदी और अन्य मांगों को लेकर...