प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को समझना है तो उज्जैन के सांदीपनि आश्रम जरूर आएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Date:

प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझने के लिये उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा पर महर्षि सांदीपनि आश्रम में श्रद्धा समारोह में हुए शामिल
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तीन पुस्तकों का किया विमोचन

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर में आयोजित “गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह” में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांदीपनि आश्रम की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पूरे विश्व में यदि किसी को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझना हो तो उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए।  भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी ऊपर माना गया है, और उज्जैन तो वह नगर है जहां स्वयं ईश्वर शिक्षा ग्रहण करने आए थे। महर्षि सांदीपनि ने जो विद्या कृष्ण को दी, इसी कारण से वे जगतगुरु बने। हमारे अतीत की गौरवशाली परंपरा को संजोकर आगे ले जाने का काम सरकार कर रही है। आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के तहत उज्जैन के साहित्य, कला और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है। उज्जैन में सभी धर्मों के लोग मिलकर विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी ओर से सभी को गुरु पूर्णिमा पर्व की शुभकामनाएं दीं।

विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। शीघ्र ही यहां सांदीपनि लोक, काल भैरव लोक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा का विश्वविद्यालय बनाए जाने की भी योजना है। उन्होंने आमजन की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर सबसे पहले महर्षि सांदीपनि गुरुदेव की पूजा अर्चना एवं आरती की। कुण्डेश्वर महादेव व सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा "महर्षि गुरु सांदीपनि, स्वयं के द्वारा लिखित" महर्षि सांदीपनि भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी एवं " सर्वांग" पुस्तक का विमोचन किया तथा वेदपाठियों को श्रीमद्भगवद्गीता पुस्तक का वितरण भी किया।

कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में भक्ति गायन एवं नाट्य प्रस्तुति “गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला” भी प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल, एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।                

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

भारत टैक्सी की एंट्री, बिना कमीशन ड्राइवर और कम किराये का मिलेगा फायदा

जयपुर  भारत टैक्सी ऐप के जरिए यात्रियों को कम किराया...

NEET-UG काउंसलिंग में बड़ा बदलाव, अब सीट अलॉटमेंट के बाद ऑनलाइन होगा दस्तावेज सत्यापन

नई दिल्ली  NEET-UG काउंसलिंग में सुधार के लिए केंद्र सरकार...

एलडीए का बड़ा फैसला, बिना अग्नि सुरक्षा शपथ पत्र नहीं पास होगा नक्शा

लखनऊ  आग की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छोटी...