कलेक्टर तय करेंगे वार्ड आरक्षण, राजस्थान में निकाय चुनावों का रास्ता साफ

Date:

जयपुर
राजस्थान में लंबे समय से अटके पड़े नगरीय निकाय चुनावों को लेकर स्वायत्त शासन विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश और नई अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में चुनावी प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों के वार्डों का वर्गवार और महिला आरक्षण तय करने के लिए अधिकृत कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त रुख और तय की गई समय-सीमा के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, जिला कलेक्टर स्थानीय स्तर पर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनारक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए निर्धारित वार्डों की संख्या के आधार पर पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया का संचालन करेंगे।

वार्ड आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया: किसे क्या मिले अधिकार?
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत नगरीय निकायों के आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया को दो स्तरों पर विभाजित किया गया है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

प्रदेश के सभी जिलों में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के वार्डों का वर्गवार निर्धारण और महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण संबंधित जिला कलेक्टरों द्वारा लॉटरी निकालकर तय किया जाएगा।

वार्ड स्तर की लॉटरी जिला कलेक्टर निकालेंगे, लेकिन प्रदेश भर के नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी राज्य स्तर पर स्वायत्त शासन विभाग (DLB) द्वारा जयपुर से निकाली जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशासनिक कदम?
पिछले काफी समय से निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव न हो पाने के कारण स्थानीय विकास कार्य और नागरिक सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं। जिला कलेक्टरों को अधिकार मिलने से आरक्षण की प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी होगी और स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी।

इस अधिसूचना के आते ही प्रदेश के 309 निकायों में वार्ड स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों और राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

OBC ट्रिपल टेस्ट सर्वे और 5 अगस्त की डेडलाइन
स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के सही और न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के 'ट्रिपल टेस्ट' नियमों का पालन किया जा रहा है।

राज्य में चल रहे ओबसी सर्वे की अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त 2026 तक सरकार और संबंधित आयोग को सौंप दी जाएगी। सर्वे रिपोर्ट मिलते ही राज्य सरकार 15 अगस्त 2026 तक प्रदेश की सभी निकायों में आरक्षण और लॉटरी की पूरी कागजी व प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करने के प्रयास में जुटी है।

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 : संभावित टाइमलाइन
राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में जो संभावित चुनावी टाइमलाइन प्रस्तुत की है, उसके अनुसार चुनाव प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी की जाएगी।

17 अगस्त 2026: निकाय चुनाव से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश और गाइडलाइन जारी की जाएगी।

22 अगस्त 2026: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावों की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।

सितंबर 2026: प्रदेश की विभिन्न निकायों में वार्ड पार्षदों के लिए मतदान कराया जा सकता है।

15 नवंबर 2026 की अंतिम सीमा: राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय निकाय और पंचायती राज, दोनों तरह के चुनाव हर हाल में 15 नवंबर 2026 तक संपन्न करा लिए जाने चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश ने बनाया कीर्तिमान, इस वर्ष 5 करोड़ घरों तक पहुंचेगा अभियान

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा'...

अब इच्छुक अभ्यर्थी 11 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों...

मध्य प्रदेश में पुजारी भर्ती पर हाईकोर्ट सख्त, SC-ST-OBC को मौका क्यों नहीं? सरकार से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

जबलपुर  मध्यप्रदेश सरकार के नियंत्रण वाले मंदिरों में पुजारियों की...

BSP में आकाश आनंद की वापसी की चर्चा तेज, Gen Z फैक्टर के बीच मायावती की नई रणनीति पर सबकी नजर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की राजनीतिक...