बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 56वें स्थापना दिवस पर विकास का नया विजन, उत्कृष्टता, रिसर्च और छात्रों पर रहेगा फोकस

Date:

भोपाल। राजधानी के प्रतिष्ठित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने शनिवार को अपना 56वाँ स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और नवसंकल्प के साथ मनाया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित ज्ञान-विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने विश्वविद्यालय परिवार की एकजुटता और संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन ने की। समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मंच पर पूर्व कुलगुरु एवं शिक्षक संघ के प्रतिनिधि प्रो. विवेक शर्मा, कुलसचिव डॉ. समर बहादुर सिंह, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री हरदेव सिंह तथा अधिकारी संघ की प्रतिनिधि डॉ. स्वाति वशिष्ठ उपस्थित रहे।

स्वागत उद्बोधन में प्रो. विवेक शर्मा ने विश्वविद्यालय में बीते समय के दौरान हुए सकारात्मक परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन, शिक्षकों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से लंबे समय से लंबित परीक्षा परिणामों के प्रकाशन, शैक्षणिक गतिविधियों में गति लाने तथा शिक्षकों की कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) एवं कर्मचारियों के इंक्रीमेंट जैसे महत्वपूर्ण मामलों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री हरदेव सिंह ने वर्तमान कुलगुरु एवं कुलसचिव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में वर्षों से लंबित कई कार्यों का तेजी से निराकरण हुआ है। उन्होंने कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्ति एवं समयमान वेतनमान जैसी प्रमुख मांगों के शीघ्र समाधान का आग्रह भी किया।

अपने संबोधन में कुलसचिव डॉ. समर बहादुर सिंह ने विश्वविद्यालय की 56 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए कहा कि राजधानी में स्थित होने के कारण बरकतउल्ला विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि प्रदेश की शैक्षणिक पहचान है। उन्होंने विश्वविद्यालय की NAAC से 'A' ग्रेड प्राप्त करने, पीएम-उषा योजना के अंतर्गत प्राप्त लगभग 100 करोड़ रुपये से चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार तथा विश्वविद्यालय की छात्रा द्वारा कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समय-समय पर विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं को सहयोग भी प्रदान किया है।

अपने प्रेरक अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु श्री अनुपम राजन ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध संस्कृति, पारदर्शी प्रशासन और छात्र-केंद्रित कार्यप्रणाली से होती है। उन्होंने कहा कि अकादमिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन, समय पर परीक्षा परिणाम, गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से आह्वान किया कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को ऐसा उत्कृष्ट ज्ञान केंद्र बनाया जाए, जो पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के समाधान के प्रति भी सकारात्मक आश्वासन दिया।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय में 35, 25 एवं 15 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित कर्मचारियों का सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनंदन किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुजा तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कर्मचारी संघ के सचिव श्री धीरेंद्र जाट ने किया। पूरे समारोह में विश्वविद्यालय के गौरवशाली अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की नई संभावनाओं का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

समय पर आय प्रमाण-पत्र मिलने से सरिता की उच्च शिक्षा का रास्ता हुआ आसान

रायपुर। राज्य सरकार की सुशासन और डिजिटल सेवा व्यवस्था...

E20 Fuel: पेट्रोल होगा और सस्ता? मोदी सरकार का दावा- ₹125 का पेट्रोल पड़ेगा ₹95 से भी कम

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने अपने E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल...

दूरदराज इलाकों में आसान हुई लाइसेंस प्रक्रिया, पंचायतों में लगे विशेष कैंप

रांची  झारखंड के ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में जहां लोगों...