लखनऊ
खरीफ सीजन 2026-27 में प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए किसानों के पास प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने का अवसर है।
कृषि विभाग ने गैर ऋणी किसानों से 14 अगस्त तक तथा ऋणी किसानों से 31 अगस्त तक अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए कहा है। इस वर्ष जिले में योजना के संचालन के लिए यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को नामित किया गया है।
उप कृषि निदेशक विनय कुमार कौशल ने बताया कि योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है। खरीफ सीजन में जनपद की अधिसूचित फसलों में धान, बाजरा, मक्का, ज्वार और उड़द शामिल हैं।
बेमौसम बारिश से होने वाली क्षति भी योजना के दायरे में
बीमित किसानों को बुवाई न हो पाने या असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से होने वाली क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान पर बीमा सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात और बेमौसम बारिश से होने वाली क्षति भी योजना के दायरे में रहेगी।
उन्होंने बताया कि गैर ऋणी किसान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, खतौनी की प्रति, फसल बुवाई का घोषणा-पत्र, बैंक खाते का विवरण और आइएफएससी कोड के साथ निकटतम जन सुविधा केंद्र या बैंक शाखा में निर्धारित प्रीमियम जमा कर बीमा करा सकते हैं।
किसी दैवीय आपदा से फसल को नुकसान होने पर किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दर्ज कराकर दावा प्रक्रिया शुरू करा सकते हैं।

