मुआवजा और पुनर्वास मामलों में तेजी लाने को बिहार सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Date:

पटना
 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रमंडलीय मुख्यालयों में संचालित भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरणों के लिए नए पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों से भूमि-अर्जन, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।

नौ प्रमंडलों में हुई पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति
अली अहमद, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खगड़िया को मुजफ्फरपुर प्रमंडल, संपूर्णानंद तिवारी, सेवानिवृत्त अध्यक्ष, राज्य परिवहन अपीलीय प्राधिकार, पटना को सारण प्रमंडल तथा देवराज त्रिपाठी, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पूर्वी चंपारण को दरभंगा प्रमंडल में पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है।

विजय आनंद तिवारी, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, वैशाली को भागलपुर प्रमंडल तथा विनोद कुमार तिवारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दरभंगा को गया प्रमंडल में पदस्थापित किया गया है।

भागलपुर से पूर्णिया तक नई जिम्मेदारी
राकेश मालवीय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोपालगंज को मुंगेर प्रमंडल और राधे श्याम शुक्ला, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कैमूर को पूर्णिया प्रमंडल में पीठासीन पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

हसमुद्दीन अंसारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नालंदा को कोशी-सहरसा प्रमंडल तथा हेमंत कुमार त्रिपाठी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटिहार को पटना प्रमंडल में भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण का पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है।

तीन वर्ष या 65 वर्ष की उम्र तक रहेगा कार्यकाल
नियुक्त किए गए पीठासीन पदाधिकारियों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक रहेगा। दोनों में से जो भी पहले होगा, उसी आधार पर कार्यकाल समाप्त माना जाएगा।

विवादों और मुआवजा मामलों की होगी सुनवाई
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डा. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि पीठासीन पदाधिकारियों को भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़े विवादों की सुनवाई का अधिकार होगा।

वे मुआवजा संबंधी मामलों का निस्तारण करने के साथ अधिनियम के तहत संदर्भित मामलों पर निर्णय भी देंगे।

मंत्री ने कहा कि नए पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति से भूमि-अर्जन से जुड़े मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी।

इससे प्रभावित लोगों के मुआवजा और पुनर्वास संबंधी मामलों के निस्तारण में भी मदद मिलेगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

कौशल से कारोबार और नवाचार तक, यूपीआईटीएस में दिखा युवाओं के हुनर का नया चेहरा

ग्रेटर  हुनर जब प्रशिक्षण की चौखट से निकलकर बाजार में...

केसकोड़ी में बना पहला बालिका शौचालय, बेटियों को मिली सुविधा

नक्सल मुक्त केसकोड़ी में वीबी-जीरामजी योजना से बना पहला...

राजस्थान में अब 4 तरह से होगा कचरे का पृथक्करण, डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी जवाबदेही

जयपुर शहरों की स्वच्छता अब केवल कचरे के निस्तारण तक...

खेजड़ी के उत्पादों से संरक्षण तक, MDSU में बनेगा खास रिसर्च सेंटर

अजमेर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में जल्द ही खेजड़ी के...