मध्यप्रदेश में मानसून का जोर, भोपाल-रीवा समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

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भोपाल

राजधानी भोपाल में मानसून ने सोमवार रात अचानक अपना रौद्र रूप दिखाया। लगातार हो रही बारिश के बीच एक ही रात में 175.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। चार साल बाद भोपाल में एक रात में इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 2022 में एक रात में 190.5 मिलीमीटर और वर्ष 2020 में 210.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण भोपाल की रफ्तार थम गई। शहर के कई निचले इलाकों और कालोनियों में पानी भर गया, जबकि हमीदिया रोड सहित कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। आशिमा माल केंद्रीय विद्यालय के पास स्थित एक कालोनी के 30 से अधिक घरों में घुटनों तक पानी भर गया।

रविवार की रिमझिम के बाद सोमवार रात बदला मौसम

भोपाल में रविवार सुबह से रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ था। सोमवार रात बारिश ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली। रातभर हुई मूसलधार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और शहर की सामान्य रफ्तार प्रभावित हुई।

मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार, यह इस सीजन में भोपाल में अब तक की सबसे तेज बारिश है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 10 अगस्त तक भोपाल में 214 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है। यह अगस्त माह की औसत 326 मिलीमीटर वर्षा के आधे से अधिक है।
13 अगस्त को फिर बन सकता है निम्न दबाव

मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक 13 अगस्त को एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बनने वाला है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश में फिर तेज वर्षा होने के आसार हैं।

सामान्य से 11 मिलीमीटर अधिक वर्षा

भोपाल में 1 जून से 10 अगस्त तक कुल 640.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य वर्षा का औसत 578.4 मिलीमीटर है। यानी राजधानी में अब तक सामान्य से 11 मिलीमीटर अधिक वर्षा दर्ज हुई है।

शेष 20 दिनों में भोपाल को करीब 112 मिलीमीटर वर्षा की जरूरत है। करीब एक-डेढ़ सप्ताह पहले तक राजधानी में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे चल रहा था। ऐसे में राजधानीवासी लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे।
दो मौसमी सिस्टम सक्रिय, 14 अगस्त तक बारिश

प्रदेश में पिछले 24 घंटों से जारी लगातार वर्षा के पीछे दो प्रमुख मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणिका भी उत्तरी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है।

मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त तक पूरे प्रदेश में रुक-रुककर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है।
प्रदेश में 15 प्रतिशत कम वर्षा

पूरे प्रदेश में एक जून से 10 अगस्त तक सामान्य की तुलना में 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
पड़ोसी जिलों में उफान पर नदी-नाले

तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कुछ स्थानों पर गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार रायसेन, विदिशा और राजगढ़ में कुल वर्षा अभी भी औसत से कुछ कम है, जबकि सीहोर में स्थिति बेहतर है।
विदिशा: बेतवा का जलस्तर बढ़ा, रेस्क्यू ऑपरेशन

विदिशा तहसील में 2.7 इंच, पठारी में 3.7 इंच और लटेरी में चार इंच से अधिक बारिश हुई। तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और कई बस्तियों में पानी भर गया। एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने पथरिया में चार लोगों और सात मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं वामनखेड़ा में 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बेतवा नदी का जलस्तर बढ़कर 1363 फीट पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 1372 फीट है।

सीहोर: श्यामपुर में 8.27 इंच बारिश

सीहोर में पिछले 24 घंटों में औसतन 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। जिले के श्यामपुर में सर्वाधिक 8.27 इंच और जिला मुख्यालय पर 6.69 इंच वर्षा हुई। निचली बस्तियों में जलभराव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

रायसेन: दो साल पहले बनी पुलिया बारिश में बही

रायसेन के अंबाड़ी-डोला घाट मार्ग पर दो साल पहले करीब 24 लाख रुपये की लागत से बनाई गई पुलिया तेज बारिश में बह गई। आसपास की मिट्टी धंसने से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

गुना: झागर नदी उफनी, स्टेट हाईवे की पुलिया डूबी

गुना में 48 घंटे से जारी बारिश के कारण बमोरी की झागर नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे स्टेट हाईवे की पुलिया डूब गई। शहर की कई कालोनियों में नालियां चोक होने से जलभराव की स्थिति बन गई है।

राजगढ़: उफनते नाले में कार बही, 9 शव बरामद

राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में अपने नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था।तब ही नाला पार करते समय एक कार बह गई। कार में महिलाओं व बच्चों सहित 11 लोग सवार थे। हादसे में दो लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।

 

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