छात्रों के आंदोलन से रांची में बढ़ी हलचल, CM आवास की कड़ी सुरक्षा; 20वें दिन भी प्रदर्शन जारी

Date:

रांची
झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी है. आंदोलन के तेज होने के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।  

मुख्यमंत्री आवास तक जाने वाले करीब 500 मीटर लंबे रास्ते पर दोनों ओर भारी बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे पूरा इलाका किसी किले जैसा दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री आवास के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर बाहरी सुरक्षा घेरे तक कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। 

सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है. माना जा रहा है कि छात्रों की ओर से दोबारा विधानसभा या मुख्यमंत्री आवास के घेराव की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। 

छात्र संगठन अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और पूरे मामले की सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। 

बीजेपी का अल्टीमेटम
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन को अब कई राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई, तो वह खुद भूख हड़ताल पर बैठेंगे. वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मुद्दे को लेकर देशभर के 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। 

आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अब तक हुई 6 दौर की बातचीत बेनतीजा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ किया है कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षा सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्र पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच पर अड़े हैं. सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। 

गौरतलब है कि विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था. इसके बाद भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। 

इस बीच, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो स्वास्थ्य खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, आंदोलन स्थल पर लौटने की अनुमति मांग चुके हैं. उनका कहना है कि उनका शरीर भले अस्पताल में हो, लेकिन उनकी आत्मा अब भी आंदोलन के साथ है। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

गोरखनाथ मंदिर में आहुत श्रद्धांजलि सप्ताह में सम्मिलित होंगे मुख्यमंत्री

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंगलवार (29 सितंबर) को गोरखनाथ मंदिर...

यूपीआईटीएस-2026 में चार दिन में ₹5,500 करोड़ के व्यापारिक समझौते

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन...

मंगलवार को चमकेगा इन राशियों का भाग्य, करियर में मिल सकती है बड़ी सफलता

मेष आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। दिन मिला-जुला...