छात्र आंदोलन पर सख्ती! रांची में 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR, पुलिस कार्रवाई से मचा हड़कंप

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रांची
रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान हुई उग्र झड़प को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. पुलिस ने कुल 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, जिनमें 100 नामजद और 500 अज्ञात छात्र व अन्य प्रदर्शनकारी शामिल हैं। 

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 100 प्रमुख प्रदर्शनकारियों को नामजद किया गया है. इसके अलावा 500 अज्ञात छात्रों व अन्य उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया है। 

उल्लेखनीय है कि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने 'विधानसभा घेराव' का आह्वान किया था. इस दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ भारी तीखी झड़प हुई थी. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग करना पड़ा था। 

25 जुलाई से चल रहा है आंदोलन
छात्र और अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं. उनकी मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की है. वे JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं. इसके अलावा वे पूरे मामले की स्वतंत्र जांच चाहते हैं. इसके लिए CBI या झारखंड के बाहर के हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाने की मांग की जा रही है. ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत बेनतीजा
आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई. अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है. हालांकि, इससे कोई समाधान नहीं निकल पाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द की जाएगी. मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया है। 

बीजेपी ने किया राज्यव्यापी बंद
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद बीजेपी ने सरकार को घेरा. पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया. बीजेपी ने हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है. वहीं, सरकार में सहयोगी कांग्रेस ने बीजेपी पर आंदोलन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर से कार्यकर्ताओं को बुलाया था। 

अनशन कर रहे नेता की तबीयत बिगड़ी
इस बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. महतो अनशन पर बैठे थे. उन्होंने रांची के सिविल सर्जन से दोबारा प्रदर्शन स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी है. उन्होंने कहा कि उनकी ‘आत्मा’ छात्रों के आंदोलन के साथ है. अनशन कर रहे चार अन्य छात्रों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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