पोषण सेवाओं को नई रफ्तार, THR व्यवस्था में बदलाव से बच्चों और महिलाओं को मिल रहा अधिक प्रभावी लाभ

Date:

नई टीएचआर व्यवस्था से पोषण सेवाएं हुईं और अधिक प्रभावी

अगस्त के प्रथम सप्ताह से आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से टीएचआर वितरण शुरू

भोपाल 

प्रदेश में बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अगस्त 2026 के प्रथम सप्ताह से नई टेक होम राशन (टीएचआर) व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर तैयार टीएचआर उपलब्ध कराया जा रहा है।

पूरक पोषण कार्यक्रम के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र हितग्राहियों को वर्ष में न्यूनतम 300 दिवस पूरक पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन नाश्ता एवं गर्म पका भोजन दिया जा रहा है। वहीं 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए मंगलवार को गर्म पका भोजन तथा शेष दिवसों में टीएचआर उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से टीएचआर वितरण

नई व्यवस्था का उद्देश्य पोषण आहार की उपलब्धता को स्थानीय स्तर पर और अधिक मजबूत करना है। प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में अगस्त के प्रथम सप्ताह से स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तैयार टीएचआर का वितरण प्रारंभ किया जा चुका है। इससे स्थानीय स्तर पर पोषण आहार की उपलब्धता के साथ स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी बढ़ रही है।

आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन गर्म भोजन

3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन नाश्ता एवं गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए स्थानीय स्तर पर तैयार टीएचआर उपलब्ध कराया जा रहा है। 6 से 60 माह के अति गंभीर कुपोषित (एसएएम) तथा 6 से 72 माह के अति कम वजन (एसयूडब्ल्यू) बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में भी स्थानीय स्तर पर तैयार टीएचआर दिया जा रहा है।

पोषण स्थिति की सतत निगरानी

बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन एवं लंबाई/ऊंचाई मापकर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जा रहा है। चिन्हित कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और आवश्यक देखभाल के साथ जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग एवं पोषण पुनर्वास केंद्रों से समन्वय कर रेफरल की कार्रवाई की जाती है।

प्रत्येक माह आयोजित 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवसों में जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों की सघन स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। चिन्हित एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू बच्चों का मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम में पंजीयन कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मैदानी अमले द्वारा गृहभेंट के माध्यम से बच्चों का नियमित फॉलोअप और परिवारों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाता है।

विशेष जनजातीय क्षेत्रों में पोषण सेवाओं पर विशेष ध्यान

मध्यप्रदेश के विशेष जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों एवं माताओं तक पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान के अंतर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 681 नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है।

सहरिया, बैगा एवं भारिया जैसे विशेष जनजातीय समूहों के क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं, पूरक पोषण आहार तथा बच्चों की वृद्धि एवं पोषण स्थिति की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर नियमित स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य जांच, रेफरल और फॉलोअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण सेवाओं को अधिक प्रभावी, स्थानीय और सतत बनाने के लिए नई टीएचआर व्यवस्था लागू की गई है। स्थानीय स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से अगस्त के प्रथम सप्ताह से शुरू हुई यह व्यवस्था प्रदेश में बच्चों और माताओं तक पूरक पोषण आहार की पहुंच को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

श्रीलंका पर जीत से भारत का PCT बढ़ा, WTC फाइनल के लिए 8 टेस्ट में जीत जरूरी

नई दिल्ली भारत ने श्रीलंका को गॉल में 2 टेस्ट...

UP में 9 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर, मेरठ की कमान B.B.G.T.S. मूर्ति को

 लखनऊ योगी सरकार ने गुरुवार देर रात पुलिस विभाग में...

जर्जर सरकारी स्कूल के मुद्दे पर बवाल, ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं को खदेड़ा

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में रामपुरा-कंवरपुरा...

अब YouTube को चुनौती देगा Bilibili! ग्लोबल क्रिएटर्स के लिए लॉन्च किया नया इंटरनेशनल ऐप

बीजिंग  चीन का लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म Bilibili अब अपने घरेलू...