भारत में AI से डेटा सेंटर तक बंपर अवसर, अमिताभ कांत ने बताया क्यों है देश का समय

Date:

नई दिल्ली
नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत ने कहा कि यह दौर भारत का होने वाला है. यूरोप से लेकर चीन तक सभी देश ओल्‍ड हो रहे हैं, जबकि भारत में तेजी से अवसर पैदा हो रहे हैं. हर सेक्‍टर में भारत तेजी से काम कर रहा है. यहां तक कि स्‍टार्टअप्‍स देखें तो स्‍पेस से लेकर पेमेंट एग्रीगेटर तक नई-नई टेक्‍नोलॉजी भारत में आ रही हैं. इंडिया अभी यंग है और इसके पास कई बड़े एडवांटेज हैं.

भारत में बहुत अवसर हैं. उन्‍होंने एआई, टेक्‍नोलॉजी और डेटा सेंटर को लेकर महत्‍वपूर्ण आंकड़ा रखते हुए कहा कि दुनिया भर में एआई को लेकर क्रेज बढ़ा है, जिसका सबसे ज्‍यादा यूज भारत में हो रहा है और इस एआई को चलाने के लिए डेटा सेंटर्स बनाए जा रहे हैं. भारत में तेजी से डेटा सेंटर्स डेवलप हो रहे हैं. भारत 200 अरब डॉलर का डेटा सेंटर में निवेश करने जा रहा है. इसके अलावा, हेल्‍थ हो या पेमेंट हो नई-नई टेक्‍नोलॉजी भारत में आ रही है, क्‍योंकि भारत का मार्केट आकर्षक बना हुआ है.

भारत में ग्‍लोबल टायलैंट भी आ रहे हैं, चाहे वह ऐप के माध्‍यम से हो या नए मार्केट की तलाश में. वहीं उन्‍होंने मैन्‍युफैक्‍चरिंग को लेकर कहा कि सही नीति हमेशा देश को आगे बढ़ाती है. भारत की मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों के पास बहुत बड़ा मौका है. उन्‍हें सही क्‍वालिटी और ग्‍लोबल कम्‍पीट के लायक प्रोडक्‍ट्स बनाने होंगे, वरना फ्यूचर में भारत का मार्केट भी खो सकते हैं.  

लेकिन भारत के लिए ये है चुनौती
हालांकि, एनर्जी डिपेंडेंसी भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जिसपर भारत को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है, ग्रीन और रिन्यूबल एनर्जी पर तेजी से काम हो रहा है. पिछले करीब 6 महीने से एनर्जी संकट की वजह से चुनौतियां बढ़ी हैं. लेकिन सरकार दूसरे विकल्पों पर तेजी से काम कर रही है. अमिताभ कांत ने कहा कि विकास दर बढ़ाने के लिए रिफॉर्म्स जरूरी हैं, और आने वाले दिनों में कई सेक्टर्स में बड़े रिफॉर्म्स देखने को मिल सकते हैं.

 नीति आयोग के  पूर्व  सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि रोजगार की बात करें तो ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, विदेशी सैलानियों को लुभाने के लिए थोड़े काम करने की जरूरत है. भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जो ग्लोबल टूरिज्म के लिए हब बन सकता है. इस सेक्टर में अगले कुछ वर्षों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकते हैं.

स्टॉर्ट-अप इंडिया की शुरुआत 2016 में हुई थी, जिसे देश को डिजिटल बना दिया है. कई सेक्टर्स में इसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं. स्पेस सेक्टर से लेकर स्टॉक मार्केट को डिजिटल इंडिया का लाभ मिल रहा है.

अब भारत का दौर है
भारत उस दहलीज पर खड़ा है, जहां से अगले तीन दशक तक भारत की राह तरक्की वाली दिख रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा दुनिया में होता है, अब भारत का समय है, और दुनिया जानती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि  जापाना, कोरिया और चीन दूसरे विश्व युद्ध के बाद आर्थिक तौर पर तेजी से उभरा.अब उसी दौर से भारत गुजर रहा है.

अमेरिका का बाजार जरूरी है, मजबूरी नहीं
उन्होंने अमेरिका के साथ भारतीय कारोबार को अहम और जरूरी बताया. लेकिन उन्होंने कहा कि आज की तारीख में ये नहीं है, कि बिना अमेरिका के भारत कुछ नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किया है, जिससे किसी एक देश पर निर्भरता कम हुई है. आने वाले वर्षों में भारत को FTA का भरपूर फायदा मिलने वाला है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

8वें वेतन आयोग में बदल सकता है ToR, पेंशन और फैमिली पेंशन पर भी उठी मांग

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनकर्मियों को भी आठवें...

महासमुंद में रोटावायरस वैक्सीन पहुंची, अस्पतालों में शुरू होगी बच्चों के टीकाकरण की तैयारी

पिथौरा/महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में लल्लूराम डॉट कॉम की...

सीमा सुरक्षा पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- घुसपैठ रोकना जरूरी; BSF-SSB को मिली 1,129 एकड़ जमीन

 सिलीगुड़ी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम...