मशहूर बुरहानपुर केला फसल को भारी नुकसान, मुख्यमंत्री ने तुरंत सर्वे और राहत के दिए निर्देश

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बुरहानपुर 
 तेज आंधी और बेमौसम के कारण बुरहानपुर जिले में केले की फसलों को भारी नुकसान हुआ. खासकर शाहपुर और खकनार तहसील क्षेत्रों में फसलें तबाह हो गईं. किसान बर्बादी की कगार पर हैं. संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के जख्मों पर मरहम लगाया है. उन्होंने कलेक्टर को तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. अब उम्मीद है कि किसानों को जल्द ही 2 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिल सकता है। 

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल मिले मुख्यमंत्री से
किसानों की मांगों को लेकर भोपाल में मंगलवार को खंडवा-बुरहानपुर से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की. उन्होंने मुख्यमंत्री को बुरहानपुर जिले के विभिन्न गांवों में आई प्राकृतिक आपदा की स्थिति से अवगत कराया. सांसद ने नुकसान की जानकारी उपलब्ध कराई. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुरवासियों के नाम संदेश जारी किया। 

बुरहानपुर कलेक्टर को सर्वे कराने के निर्देश
सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र पाटिल ने बताया "प्राकृतिक आपदा से जिलेभर में भारी नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलेक्टर हर्ष सिंह को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कर राहत एवं सहायता कार्यों को तत्परता से करने को कहा है. इसके अलावा खंडवा जिले की ग्राम पंचायत हंडियाखेड़ा में हुई आगजनी की घटना के बारे में भी जिक्र किया है. हंडियाखेड़ा में 20 से अधिक आवासीय मकान प्रभावित हुए हैं। 

विधायक अर्चना चिटनीस पहुंची खेतों में
मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक अर्चना चिटनीस ने लोनी और बिरोदा गांव के खेतों का जायजा लिया. वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खेतों में पहुंची. किसानों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनी. अर्चना चिटनिस ने कहा "किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं. प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई और किसानों को राहत दिलाना हमारी प्राथमिकता है। 

पिछली बार 2 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिला
मध्य प्रदेश सरकार ने पिछली बार केला फसल नुकसान का मुआवजा बढ़ाया था, अब प्रभावित किसानों को उनकी फसल नुकसानी 2 लाख रुपये तक प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलता है, इस बार जिलेभर भारी नुकसान हुआ है, जिसके कारण अब प्रभावित किसानों ने मुआवजा राशि को दोगुना करने और मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू किए जाने की मांग उठाई है। 

लोनी गांव के किसान हेमंत पाटिल और बिरोदा गांव के किसान भास्कर झोपे ने सरकार से मुआवजा बढ़ाकर देने की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि जिले में एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार नुकसान हुआ है, इससे किसानों की कमर टूट गई है. किसान सदमे में हैं। 

बुरहानपुर के कई गांवों में फसलें तबाह
बीते शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को बे-मौसम बारिश और तेज तूफान किसानों की फसलों पर आफत बनकर बरसे. इस बार फिर प्राकृतिक आपदा से सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं. शाहपुर क्षेत्र के खामनी, भावसा, मोहद सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में फसल बर्बादी हो चुकी है. इसी तरह आदिवासी बाहुल्य खकनार क्षेत्र के दर्यापुर, सिंधखेड़ा, सिरपुर, टेंभी, मांजरोद कला, मांजरोद खुर्द, ढाबा, डोईफोडिया सहित अन्य गांवो में किसानों की खड़ी फसल गिर गई है। 

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