क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म से मुकाबले के गुर सीख रही झारखंड पुलिस, तकनीकी जांच पर जोर

Date:

रांची
 झारखंड पुलिस अपने कनीय पुलिस पदाधिकारियों, जवानों को सीमा पार आतंकवाद (क्रॉस बार्डर टेररिज्म) के विरुद्ध कार्रवाई व उसके विरुद्ध तकनीकी अनुसंधान के गुर सीखा रही है। ऐसे आतंकवाद, उग्रवाद के विरुद्ध कैसे कार्रवाई की जानी चाहिए, अनुसंधान के तकनीकी पहलू क्या होंगे, कौन-कौन सी विधि अपनाई जा सकती है, सहित विभिन्न बिंदुओं से झारखंड पुलिस के जवान व पदाधिकारी अवगत हो रहे हैं। राज्य के भीतर व राज्य के बाहर अब तक पांच हजार पुलिस पदाधिकारी व जवान अब तक प्रशिक्षित हो चुके हैं।

जब एक देश या राज्य के आतंकवादी या उग्रवादी दूसरे देश या राज्य की सीमा पार करके हमला करते हैं तो उसे सीमा पार आतंकवाद कहते हैं। झारखंड हो या पूरा देश इस तरह के आतंकवाद या उग्रवाद से लंबे समय से पीड़ित रहा है।

इसके लिए प्रशिक्षु पदाधिकारियों को सीमा प्रबंधन बताया जाता है, जैसे स्क्रीनिंग तकनीक, यात्रा दस्तावेज की सुरक्षा व बायोमीट्रिक डेटा जुटाना, साइबर खुफिया जानकारी, डेटा विश्लेषण, मानव खुफिया जानकारी, वित्तीय निगरानी, कानूनी व रणनीतिक ढांचा आदि समझाया जाता है।

राज्य के भीतर ऑनलाइन, ऑनलाइन 28 प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित हुए 4794 पदाधिकारी जवान
राज्य के भीतर इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक यानी सात महीने में ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से विभिन्न प्रकार के कुल 28 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में कुल 4794 पुलिस पदाधिकारी व कर्मी प्रशिक्षित हुए हैं। इनमें दारोगा से इंस्पेक्टर रैंक तक के लिए इंडक्शन प्रशिक्षण कोर्स कराया गया।

पुलिस के कार्य से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई। नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम आदि से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया। इसके अलावा बुजुर्ग माता-पिता, वरिष्ठ नागरिकों आदि की देखभाल, उनकी कल्याणकारी योजनाओं से भी उन्हें अवगत कराया गया है।

ड्रोन तकनीक व इसके एप तथा सीमा पार आतंकवाद पर भी हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम
राज्य के बाहर भी आनलाइन व आफलाइन माध्यम से विभिन्न प्रकार के कुल 68 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इसके तहत इस वर्ष सात महीने में राज्य के कुल 222 पुलिस पदाधिकारियों-कर्मियों को विभिन्न तरह से प्रशिक्षित किए गए हैं।

इनमें ड्रोन तकनीक व इसके एप से संबंधित कोर्स, सीमा पार आतंकवाद से संबंधित कोर्स आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। आने वाले समय में अभी और पदाधिकारियों-जवानों को प्रशिक्षित किया जाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से कोरबा की सड़कों के लिए साढ़े 17 करोड़ स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा...

‘मिशन कर्मयोगी’ की भावना के साथ उच्च शिक्षा में क्षमता निर्माण का व्यापक ढांचा तैयार होगा

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह...

महतारी वंदन की 31वीं किस्त से सरिता राजवाड़े के परिवार में आई रक्षाबंधन की खुशियां

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को...

शराब तस्करी पर मध्यप्रदेश पुलिस का शिकंजा, अवैध कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं...