TMC के बागियों पर सख्ती, स्पीकर ओम बिरला ने 7 दिन में मांगा जवाब

Date:

नई दिल्ली

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी लोकसभा सांसदों के खिलाफ चल रही अयोग्यता की लड़ाई में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से इन 20 सांसदों को नोटिस जारी कर दिया गया है। सांसदों से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले यानी मंगलवार को TMC नेता और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन बागी सांसदों को नोटिस जारी किया था।

सागरिका घोष बोलीं- ‘दो महीने तक बैठे रहे, SC के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई’
TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस घटनाक्रम को पार्टी के लिए बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "एक बड़ी और अहम बात। आखिरकार, लोकसभा स्पीकर ने उन 20 बागी सांसदों को नोटिस भेजा है, जिन पर अभिषेक बनर्जी ने अयोग्यता की याचिका दायर की थी। उन्हें 7 दिनों के भीतर इसका जवाब देना होगा। गौर करने वाली बात यह है कि अयोग्यता की याचिका पर दो महीने तक कोई कार्रवाई न करने के बाद, कल सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद स्पीकर को आखिरकार कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन यह नोटिस सिर्फ पहला कदम है। संविधान का खुलेआम उल्लंघन करने वाले इन 20 बागियों को अयोग्य ठहराना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ एक पार्टी की बात नहीं है, बल्कि संविधान की रक्षा की बात है।"

दो महीने से लंबित थी अयोग्यता याचिका
TMC ने जून में अपने 20 सांसदों के खिलाफ अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं लोकसभा स्पीकर के पास दाखिल की थीं। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि इन सांसदों ने पार्टी से अलग होकर दूसरी पार्टी के साथ जाने का फैसला किया है और यह संविधान की दसवीं अनुसूची यानी एंटी-डिफेक्शन लॉ के तहत कार्रवाई का आधार बनता है।

ज्ञात हो कि ये बागी सांसद टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) नाम की एक बेहद कम चर्चित पार्टी में शामिल हो गए थे और NDA का समर्थन करने की घोषणा की थी। बागी खेमे का दावा है कि उनके पास TMC के 20 सांसदों का समर्थन है इसलिए यह कदम दो-तिहाई संख्या के कारण वैध। TMC इस दावे का विरोध कर रही है।

TMC का कहना है कि सांसदों ने जिस पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता, उससे अलग होकर दूसरी राजनीतिक पार्टी के साथ जाने का फैसला किया है। पार्टी के मुताबिक, यह स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ने के बराबर है और इसलिए अयोग्यता का मामला बनता है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे अभिषेक बनर्जी
स्पीकर के समक्ष याचिकाएं लंबित रहने के बाद अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और मांग करते हुए कहा कि अयोग्यता की याचिकाओं पर समयबद्ध तरीके से फैसला कराया जाए।

मंगलवार, 25 अगस्त को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले पर सुनवाई की और 20 बागी TMC सांसदों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने मामले को 28 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। हालांकि, अदालत ने लोकसभा स्पीकर के कार्यालय या लोकसभा महासचिव को अलग से नोटिस जारी नहीं किया। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पीकर और लोकसभा सचिवालय की ओर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य सवाल यह है कि स्पीकर के समक्ष लंबित अयोग्यता की कार्यवाही पर उचित समय में निर्णय लिया जाना चाहिए या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के कुछ ही घंटों बाद स्पीकर का नोटिस
अब लोकसभा स्पीकर के कार्यालय ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में उनसे अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर अयोग्यता याचिकाओं पर अपना जवाब देने को कहा गया है और इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है। सांसदों का जवाब मिलने के बाद स्पीकर मामले पर आगे की सुनवाई और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पशु आहार संयंत्र से मिला रोजगार और नियमित आय

रायपुर  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के तहत बिलासपुर...

विगत एक सप्ताह में लगभग 5 करोड़ 41 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस...

27 अगस्त को पंजाब में ‘महाबंद’, 7 लाख सरकारी कर्मचारी करेंगे बड़ा आंदोलन

 चंडीगढ़ पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी...

नेपाल में बाढ़ का असर मुजफ्फरपुर तक, 19 पुल टूटे और 40 किमी सड़क बह गई

मुजफ्फरपुर. नेपाल में भोटेकोशी नदी ने बुधवार सुबह अचानक ऐसा...