उज्जैन में विकास को मिलेगी नई उड़ान, ₹25 हजार करोड़ का निवेश और 75 हजार रोजगार; बोइंग विमानों की भी एंट्री

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उज्जैन 

उज्जैन अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में औद्योगिक और ढांचागत विकास का एक नया हब बनकर उभर रहा है। सिंहस्थ-2028 के महाआयोजन से पहले शहर की पूरी तस्वीर बदलने की तैयारी है। वर्तमान में उज्जैन में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 129 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 55 से 60 प्रतिशत कार्य पूरे भी हो चुके हैं।

प्रशासन का फोकस सिर्फ धार्मिक स्थलों के विकास पर ही नहीं है, बल्कि विक्रम उद्योगपुरी के जरिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश भी लाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में 75 हजार से ज्यादा नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

68 बड़ी कंपनियों का निवेश और 75 हजार नौकरियां
    उज्जैन में रोजगार और निवेश के नए द्वार खुल रहे हैं। 2300 एकड़ में फैली विक्रम उद्योगपुरी में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क आकार ले रहा है। यहां देश-विदेश की 68 से ज्यादा बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं। 20 से अधिक कंपनियों ने अपनी इकाइयां स्थापित कर ली हैं और कई में उत्पादन भी शुरू हो गया है।

    पेप्सिको इंडिया (1266 करोड़), अदाणी सीमेंट (1500 करोड़) और वीई कमर्शियल व्हीकल्स (580 करोड़) जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपना काम शुरू कर दिया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

437 एकड़ में एयरपोर्ट, बड़े विमान भी उतर सकेंगे
उज्जैन को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए 437.5 एकड़ में एयरपोर्ट विकसित होगा। उज्जैन कलेक्टर रौशनकुमार सिंह के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के लिए ₹590 करोड़ मंजूर हो चुके हैं।

राज्य सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी को जमीन उपलब्ध करा चुकी है। मौजूदा करीब एक हजार मीटर लंबे रनवे को बढ़ाया जाएगा, ताकि एटीआर-72 के साथ बड़े यात्री विमान उतर सकें। जरूरत पर बोइंग विमान की लैंडिंग भी हो सकेगी। चार हेलीपैड भी तैयार किए जा रहे हैं।

धार्मिक: 1125 करोड़ से संवरेंगे मंदिर, कृष्ण लोक और यूनिटी मॉल बनेगा
    वर्ष 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख लोग आ रहे हैं। त्योहार, पर्व पर यह संख्या 4 से 5 लाख तक हो जाती है। आय और दान बढ़ा। अब महाकाल मंदिर के खजाने में 472 करोड़ रुपए हैं। इसी से प्रेरित होकर कृष्ण लोक बन रहा है।

    धार्मिक नगरी के प्रमुख मंदिरों को टेंपल बॉन्ड स्कीम के तहत ₹1125 करोड़ से संवारा जाएगा। इसमें काल भैरव, मंगलनाथ, शनि मंदिर, 84 महादेव, अंगारेश्वर महादेव, गढ़कालिका, बगलामुखी माता, भूखी माता, सिद्धवट व सांदीपनि आश्रम शामिल हैं।

    महाकाल लोक के बाद अब ₹220 करोड़ से 30 एकड़ में कृष्ण लोक और परिसर बनाया जाएगा। यहां 181 फीट ऊंची प्रतिमा लगेगी। काम 31 दिसंबर 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 3.20 हेक्टेयर में ₹300 करोड़ से यूनिटी मॉल बनाया जाएगा।

आर्थिक : 68 से अधिक कंपनियों के निवेश प्रस्ताव, 75 हजार को रोजगार

    2300 एकड़ की विक्रम उद्योगपुरी में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क है। 20 से ज्यादा कंपनियों ने इकाइयां लगाई हैं, 25 से ज्यादा में उत्पादन शुरू। दूसरे चरण के लिए 35 कंपनियों के प्रस्ताव आए हैं।

    बड़ी कंपनियां: पेप्सिको इंडिया ₹1266 करोड़ का निवेश कर चुकी है। अदाणी सीमेंट्स ₹1500 करोड़ और वीई कमर्शियल व्हीकल्स ₹580 करोड़ का निवेश कर रही हैं। अमूल-वॉल्वो का काम शुरू हो चुका है।

    मेडिसिटी-आईटी: ₹592 करोड़ से 14 मंजिला मेडिसिटी बन रही है। इसमें 550 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। इंदौर-उज्जैन रोड पर ₹46 करोड़ के आईटी पार्क का 50% काम पूरा हो चुका है।

    होटल-ब्रिज: रेडिसन, विवांता टाटा, हॉलिडे इन, लेमन ट्री और अनंता के होटल बन रहे हैं। शहर में 22 नए ब्रिज भी बन रहे हैं। इनमें 2 एलिवेटेड, शिप्रा पर 17 और 4 रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं।

1125 करोड़ से संवरेंगे मंदिर, आकार लेगा 'कृष्ण लोक'
    'श्री महाकाल लोक' के निर्माण के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या में बंपर उछाल आया है। रोजाना 1 से 1.5 लाख और त्योहारों पर 5 लाख तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी से प्रेरित होकर अब 30 एकड़ जमीन पर 220 करोड़ रुपये की लागत से भव्य 'कृष्ण लोक' का निर्माण किया जाएगा।

यहां भगवान श्रीकृष्ण की 181 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित होगी। साथ ही, 1125 करोड़ की 'टेंपल ब्लेंड स्कीम' के तहत काल भैरव, मंगलनाथ, शनि मंदिर, हरसिद्धि, 84 महादेव और सांदीपनि आश्रम सहित कई प्रमुख मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 300 करोड़ की लागत से यूनिटी मॉल भी बनाया जाना है। इन प्रोजेक्ट्स को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

437 एकड़ में एयरपोर्ट, उतरेंगे बोइंग विमान
हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 437.5 एकड़ जमीन पर एयरपोर्ट का विकास किया जा रहा है। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के मुताबिक, इसके भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं और एयरपोर्ट अथॉरिटी को जमीन भी सौंपी जा चुकी है। वर्तमान के एक हजार मीटर लंबे रनवे को इतना बढ़ाया जाएगा कि भविष्य में एटीआर-72 के साथ ही बोइंग विमान भी आसानी से लैंड कर सकें। इसके अलावा चार नए हेलीपैड भी तैयार हो रहे हैं।

मेडिसिटी, आईटी पार्क और लग्जरी होटल्स का जाल
    शहर में स्वास्थ्य और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नया रूप दिया जा रहा है। 592 करोड़ रुपये से 14 मंजिला 'मेडिसिटी' बन रही है, जिसमें 550 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल होगा। वहीं, इंदौर-उज्जैन रोड पर 46 करोड़ की लागत से बन रहे आईटी पार्क का आधा काम पूरा हो चुका है।

    पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए रैडिसन, विवांता टाटा, हॉलिडे इन और लेमन ट्री जैसे ब्रांडेड होटल बन रहे हैं। यातायात सुगम बनाने के लिए शहरभर में 22 नए पुलों (ओवरब्रिज और एलिवेटेड) का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है।

 

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