झारखंड का राजस्व संग्रह लक्ष्य से दूर, अगस्त में GST कलेक्शन 938 करोड़ के करीब

Date:

 रांची
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वाणिज्यिक कर विभाग के ताजा आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में विभाग के अधिकारियों के प्रयास का असर ताे दिख रहा है, लेकिन इसके बावजूद जीएसटी कलेक्शन लक्ष्य से काफी कम है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में राजस्व संग्रह में पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में कुल सब-टोटल कलेक्शन 1,709.50 करोड़ रुपये रहा, जो अगस्त 2025 के 1,919.11 करोड़ रुपये से 10.92 प्रतिशत कम है।

रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स संग्रह में सबसे बड़ी गिरावट जीएसटी कैटेगरी में देखी गई। प्रदेश के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसकी संभावना पहले ही व्यक्त की थी कि राज्य सरकार के राजस्व संग्रह पर असर पड़ सकता है।

अगस्त 2026 में कुल जीएसटी कलेक्शन 937.11 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी महीने के 1,200.77 करोड़ रुपये के मुकाबले 21.96 प्रतिशत कम है।

इसमें इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स सेटलमेंट में सबसे ज्यादा 58.19 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो 449.10 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 187.77 करोड़ रुपये रह गई।

वैट संग्रह से मिली राहत
आंकड़ों को देखें तो राहत की बात यह रही कि वैट में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। अगस्त 2026 में वैट कलेक्शन 695.90 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 602.76 करोड़ रुपये से 15.45 प्रतिशत अधिक है।

इसी तरह, कुल नान-जीएसटी कलेक्शन में भी 7.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो 772.39 करोड़ रुपये रही। हालांकि प्रोफेशनल टैक्स संग्रह में भारी गिरावट 46.63 प्रतिशत दर्ज की गई।

विभाग के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल वार्षिक लक्ष्य 24 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। अगस्त 2026 तक (अप्रैल से अगस्त तक) विभाग ने 8,172.70 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो लक्ष्य का सिर्फ 34.05 प्रतिशत है।

अगर इसी रफ्तार से गिरावट जारी रही, तो विभाग के लिए वार्षिक लक्ष्य को पूरा करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। कुल कलेक्शन में भी पिछले वर्ष की तुलना में 15.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

वरीय अधिकारियों को मानना है कि आइजीएसटी सेटलमेंट में आई भारी कमी चिंता का विषय है, जबकि वैट कलेक्शन में बढ़त से राज्य के घरेलू कर राजस्व में कुछ सुधार का संकेत मिलता है। विभाग अब बाकी बचे महीनों में लक्ष्य हासिल करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गया है।

अप्रैल से अगस्त तक राजस्व संकलन में झारखंड पांच प्रतिशत पीछे है, नवंबर आते-आते हम इसकी भरपाई के लिए पूरा प्रयास करेंगे और अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इसकी भरपाई करते हुए आगे बढ़ जाएंगे। जिन अधिकारियों का प्रयास बेहतर होगा उन्हें विभाग पुरस्कृत करेगी और जिनका नहीं होगा उन्हें दंडित भी किया जा सकता है।
-राधाकृष्ण किशोर, वित्त मंत्री, झारखंड सरकार।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार से संवर रहा ग्रामीण अंचल

रायपुर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने...

शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि पीढ़ी का निर्माता- रामविचार नेताम

रायपुर  कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति...

पराली बनेगी कमाई का जरिया, विदिशा में CBG प्लांट से अन्नदाता बनेंगे ‘ऊर्जादाता’

 विदिशा  जिस पराली या नरवाई को किसान फसल कटने के...