स्वास्थ्य सेवाओं में AI की एंट्री, सहिया से मरीजों तक डिजिटल मदद पहुंचाने की योजना

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रांची
 अब आपके स्वास्थ्य की देखभाल एआई फैमिली डॉक्टर जैसी आधुनिक तकनीक करेगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को उनके नेपाल हाउस सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें इसपर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए एआई असिस्टेंट और एआई फैमिली डॉक्टर जैसे डिजिटल संसाधन विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने दोनों प्लेटफार्म के विकास के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

एआई असिस्टेंट स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत हेल्थ प्रोफेशनल्स और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए डिजिटल सहायक के रूप में कार्य करेगा। यह उन्हें उनके दैनिक कार्यों की जानकारी और समय पर रिमाइंडर एवं अलर्ट उपलब्ध कराएगा।

इसके माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कब, कहां, किसके साथ और कौन-सा कार्य करना है, कार्य के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होगी तथा आवश्यक संसाधन क्या होंगे।

उदाहरण के तौर पर एआई असिस्टेंट किसी सहिया को यह जानकारी दे सकेगा कि उसे किस स्थान पर, किस समय टीकाकरण करना है, कितने बच्चों का टीकाकरण होना है तथा इसके लिए किन तैयारियों की आवश्यकता है।

इससे स्वास्थ्य कर्मियों को अपने कार्य समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में कार्य करेगा एआई फैमिली डाक्टर
प्रस्तावित एआई फैमिली डाक्टर आम लोगों के लिए एक डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में कार्य करेगा। यह मरीज द्वारा बताई गई स्वास्थ्य संबंधी समस्या के आधार पर संभावित बीमारी और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

हालांकि एआई द्वारा सुझाई गई किसी भी दवा को तब तक वैध चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाएगा, जब तक उसे किसी पंजीकृत चिकित्सक द्वारा अनुमोदित न किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य एआई की सुविधा का लाभ उठाते हुए चिकित्सकीय सुरक्षा और विशेषज्ञों की निगरानी सुनिश्चित करना है।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी योजना
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों एआई प्लेटफॉर्म के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इसके लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया। योजना के अनुसार, एआई फैमिली डाक्टर को प्रारंभिक चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा सकता है।

पायलट परियोजना के परिणाम सफल रहने पर इसे राज्य के व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों के दैनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित करने के साथ-साथ आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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