उज्जैन के महाकाल मंदिर की AI तकनीक बनी मिसाल, ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय सम्मान

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उज्जैन
उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विकसित की गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित वीडियो सर्विलांस प्रणाली ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा घोषित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों की सूची में महाकाल मंदिर की इस अत्याधुनिक प्रणाली का चयन किया गया है।

यह सम्मान मंदिर प्रबंधन द्वारा तकनीक के माध्यम से सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए गए नवाचारों की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच बना सुरक्षा का मजबूत कवच
अक्टूबर 2022 में श्रीमहाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 80 हजार से लेकर एक लाख तक श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंच रहे हैं। वहीं श्रावण मास, पर्व-त्योहारों, विशेष तिथियों और अवकाश के दिनों में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना मंदिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। इसी चुनौती से निपटने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए एआई आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम विकसित किया, जिसे ‘त्रिनेत्र’ नाम दिया गया।

AI तकनीक से हो रही हर गतिविधि की निगरानी
‘त्रिनेत्र’ प्रणाली मंदिर परिसर में स्थापित कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से भीड़ के मूवमेंट, सुरक्षा संबंधी गतिविधियों और संभावित जोखिमों पर लगातार नजर रखती है। इससे भीड़ नियंत्रण, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस तकनीक ने न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि व्यवस्थाओं को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डिजिटल नवाचार का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड के लिए चयन महाकाल मंदिर में लागू डिजिटल नवाचारों की सफलता का प्रमाण माना जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल मंदिर प्रशासन के लिए गौरव का विषय है, बल्कि धार्मिक स्थलों पर तकनीक आधारित प्रबंधन मॉडल को भी नई पहचान दिलाने वाली है।

ऐसे काम करता है सिस्टम
    इसके तहत ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर और श्री महाकाल महालोक परिसर में 600 से अधिक एडवांस एआइ आधारित कैमरे लगाए गए हैं।

    सभी कैमरों को खास कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यहां से सुरक्षाकर्मी और अधिकारी रियल-टाइम मॉनिटरिंग करते हैं।

    यह सिस्टम श्रद्धालुओं की संख्या की सटीक जानकारी, भीड़ वाले क्षेत्र और प्रतिबंधित क्षेत्रों में हो रही गतिविधियों का पता लगाता है।

    सिस्टम से प्राप्त सटीक जानकारी से अधिकारी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए बेहतर कदम उठा पाते हैं।

 

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