शिक्षक नियुक्ति विवाद में बड़ा अपडेट, हाई कोर्ट ने JSSC को विषयवार-कोटिवार मेरिट लिस्ट देने का दिया निर्देश

Date:

रांची
झारखंड हाई कोर्ट द्वारा गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर शनिवार को सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान कमेटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को निर्देश दिया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनाई गई विषयवार, कोटिवार संशोधित राज्य मेधा सूची प्रस्तुत करे। राज्य सरकार की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जेएसएससी द्वारा सरकार को उपलब्ध कराई गई अनुशंसा के आधार पर की गई नियुक्तियों के संदर्भ में शपथ पत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा।

मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, तान्या सिंह, राजेश कुमार एवं अन्य ने पक्ष रखा। बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की ओर से शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की जांच की जा रही है।

वर्ष 2016 में जेएसएससी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें नियुक्ति जिलावार मेधा सूची और राज्यस्तरीय मेधा सूची के आधार पर की गई है। एक ही नियुक्ति परीक्षा में दो तरह की मेधा सूची होने से योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हो गए हैं। इसकी जांच के लिए हाई कोर्ट ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को राहत
हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सामुदायिक स्वास्थ्य के स्नातक विज्ञान कोर्स उत्तीर्ण अभ्यर्थियों सुनील कुमार एवं अन्य को राहत मिली है। अदालत ने मामले में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सामुदायिक स्वास्थ्य के स्नातक विज्ञान कोर्स में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करे।

अदालत ने यह भी कहा कि सरकार के वर्ष 2019 के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर इन्हें 4200 का ग्रेड पे उसी तिथि से दें, जिस तिथि से उन्होंने इस परीक्षा को पास किया है। प्रार्थियों की ओर अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने संकल्प जारी कर सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान डिग्री लेने के बाद अभ्यार्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सहायक पद पर नियुक्त कर उन्हें 4200 का ग्रेड पे देने का निर्णय लिया है।

इनकी नियुक्ति के लिए सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य सहायक नियुक्ति एवं सेवाशर्त नियमावली, 2025 गठित की है, लेकिन उक्त डिग्री लेने के बाद भी इन्हें 4200 का ग्रेड पे नहीं दिया गया और इनकी नियुक्ति न कर उन्हें संविदा पर रखा गया है। सरकार के वर्ष 2019 संकल्प के तहत इनकी नियुक्ति नहीं की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

BRICS समिट खत्म होते ही बदले बांग्लादेश के सुर, PM तारिक रहमान ने भारत से रिश्तों पर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली बांग्‍लादेश में शेख हसीना की सरकार को जबरन...

ममता बनर्जी की जीत के बाद BJP कार्यकर्ता की मौत का राज खुलेगा? 5 साल बाद कब्र से निकला शव

कोलकाता पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक कार्यकर्ता का शव...

दताना-मताना में प्रदेश के 10वें एयरपोर्ट का विकास जारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 के...