हरियाणा में 51% कम बारिश, अगले पांच दिन 70% इलाकों में बरसेंगे बादल

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 हिसार
 हरियाणा में मानसून का अंतिम दौर चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अब तक प्रदेश में सामान्य से 51 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। रविवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार में उकलाना व बरवाला क्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां देखने को मिली। हिसार व रोहतक जिलों का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं कई जिलों में तापमान 28 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। एक जून से 13 सितंबर तक हरियाणा में 303.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 403.2 मिलीमीटर होती है। 19 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है, जबकि भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।

कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा
सितंबर में रविवार से पहले सिरसा में सामान्य 20 मिलीमीटर के मुकाबले शून्य वर्षा दर्ज हुई है। वहीं हिसार में 96 प्रतिशत, करनाल में 93 प्रतिशत और भिवानी में 93 प्रतिशत वर्षा की कमी रही। जींद में 80 और कुरुक्षेत्र में 82 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। दूसरी ओर पंचकूला में सामान्य से 57, पलवल में 48 और गुरुग्राम में 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

मानसून पर अल नीनो का असर : डा. चंद्रमोहन
मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो का असर मानसून पर साफ तौर पर देखने को मिला। अब मानसून की विदाई से पहले अगले सप्ताह वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 15 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

इसके प्रभाव से मानसून टर्फ हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली की ओर आने व पश्चिमी विक्षोभ व मानसून गतिविधियों के बीच संपर्क बनने की संभावना है

15 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश के करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्से में वर्षा की गतिविधियां हो सकती हैं। पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ तथा उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में हल्की से मध्यम वर्षा व कुछ स्थानों पर तेज वर्षा की संभावना है। वर्षा की गतिविधियों को देखते हुए हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली में एक बार फिर येलो अलर्ट की स्थिति बनी है।

मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना
वर्षा व बूंदाबांदी से दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। प्रदेश के मौसमी वर्षा के आंकड़े में भी कुछ सुधार हो सकता है। इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

राजस्थान में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बनने के बाद पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने पर मानसून की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी है कि लावणी की फसलों की कटाई और अन्य कृषि कार्य मौसम की गतिविधियों को ध्यान में रखकर करें।

वर्षा की संभावना को देखते हुए कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और तिरपाल आदि की व्यवस्था पहले से कर लें।

तापमान का ब्योरा (डिग्री सेल्सियस में)
जिला – अधिकतम – न्यूनतम
हिसार – 35.4 – 26.3
रोहतक -35.4 – 26.6
अंबाला – 34.5 – 27.5
सिरसा – 34.4 – 26.9
महेंद्रगढ़ – 35.3 – 25.4
करनाल – 29.3 – 27.4

 

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