कोयला कर्मियों के परिवारों को राहत, दुर्घटना बीमा और छात्रवृत्ति में हुआ बड़ा इजाफा

Date:

धनबाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी कोयला श्रमिकों के नाम विशेष संदेश जारी करेंगे। इसमें श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

नियमित कोयला कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और संविदा श्रमिकों को 40 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा की सुविधा प्रमुख है। खनन दुर्घटना में मृत्यु पर अनुग्रह राशि 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

साथ ही एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 के तहत 1.25 करोड़ से अधिक आजीविकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इससे वित्तीय निश्चितता, परिचालन स्थिरता, निरंतर रोजगार और खनन क्षेत्रों से जुड़े समुदायों के हितों की रक्षा में मदद मिलेगी।

दुर्घटना में परिवारों को 25 लाख, स्वास्थ्य-सुरक्षा पर जोर
‘वी केयर’ पहल के तहत खनन दुर्घटना में मृत्यु होने पर नियमित और संविदा, दोनों श्रेणियों के श्रमिकों के परिवारों को समान रूप से 25 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की व्यवस्था की गई है।

इसके अतिरिक्त नियमित कर्मियों के लिए एक करोड़ और संविदा श्रमिकों के लिए 40 लाख रुपये तक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध है। श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आवधिक चिकित्सा परीक्षण, निवारक स्वास्थ्य जांच तथा विशेषज्ञ स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

कोयला कंपनियों के कर्मचारियों को यूनिफॉर्म के लिए प्रतिवर्ष 12,500 रुपये देने की व्यवस्था भी संदेश में शामिल है। वहीं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र श्रमिकों को 8.33 प्रतिशत प्रदर्शन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआइ) का लाभ देने की जानकारी दी जाएगी।

बच्चों की छात्रवृत्ति बढ़ी 350 प्रतिशत, पूर्व कर्मियों को ई-निवारण की सुविधा
‘प्रेरणा-सीआइएल छात्रवृत्ति योजना’ के तहत कोयला कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति राशि में करीब 350 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पूर्व कर्मचारियों और उनके परिवारों को ई-निवारण पोर्टल के जरिए अपनी शिकायतों की स्थिति देखने की सुविधा मिलेगी।

इसके साथ ही कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले कोयला श्रमिक देश की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत ने पहली बार एक अरब टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा पार कर उसे दोबारा हासिल किया है।

वैश्विक परिस्थितियों के बीच ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद भारतीय कोयले ने बिजली संयंत्रों में ईंधन की कमी नहीं होने दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

अपनी भाषा और जड़ों से जुड़कर ही युवा कर सकते हैं सशक्त राष्ट्र का निर्माण : मंत्री सारंग

भोपाल  “मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे भाव,...

JPSC-JSSC CGL समेत भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, 15 सितंबर को सुनवाई

रांची Jharkhand High Court Hearing: झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार 15...

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन के लिए आयोजित किया विशेष हेरिटेज टूर

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को...