महिलाओं के समर्थन में खुलकर बोलीं नायला ग्रेवाल, कहा- एक-दूसरे का साथ देना बेहद जरूरी

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मुंबई 
 'थप्पड़' जैसी फिल्म में काम कर चुकीं अभिनेत्री नायला ग्रेवाल ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हैं, जो समाज से जुड़े जरूरी सवाल उठाएं। उनका मानना है कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सिनेमा में लगातार जगह मिलनी चाहिए। बातचीत में नायला ने कहा कि फिल्मों में जब महिलाओं की जिंदगी, उनकी परेशानियों और उनके अधिकारों से जुड़ी बातें सामने आती हैं, तो उन पर समाज में बातचीत भी शुरू होती है। आईएएनएस से बात करते हुए नायला ने कहा, ''महिलाओं से जुड़े मुद्दे मेरे लिए काफी मायने रखते हैं। मैं इस विषय को लेकर खुद काफी जागरूक हूं और ऐसी फिल्म में काम करना चाहती हूं, जो महिलाओं से जुड़े मुद्दों को विस्तार से दिखाए। पिछले कुछ सालों में इस तरह की फिल्मों की संख्या में थोड़ी कमी आई है और अब पहले की तरह महिलाओं से जुड़े जरूरी विषयों पर पर्याप्त फिल्में देखने को नहीं मिल रही हैं।''

 नायला ने इस दौरान 'थप्पड़' फिल्म की को-स्टार तापसी पन्नू की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ''मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे 'थप्पड़' जैसी फिल्म में काम करने का मौका मिला। अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तापसी ने घरेलू हिंसा और एक थप्पड़ के जरिए रिश्ते में सम्मान और बराबरी जैसे मुद्दों को सामने रखा था। तापसी ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनकर महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की है।''

अभिनेत्री ने तापसी की आने वाली फिल्म 'गांधारी' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''यह फिल्म बच्चों की तस्करी जैसे मुद्दे पर बात करती है और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की अहमियत बताती है। मैं खुद भी ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं, जो इस सोच को आगे बढ़ाएं और लोगों को इन मुद्दों के बारे में सोचने पर मजबूर करें।''

इसी बात को आगे बढ़ाते हुए नायला ने महिलाओं की एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ''महिलाओं को दूसरी महिलाओं का साथ देना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। अगर महिलाएं ही एक-दूसरे को सपोर्ट नहीं करेंगी, तो फिर इस बदलाव की शुरुआत कौन करेगा। मेरी नजर में यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की बात नहीं है बल्कि समाज में महिलाओं के लिए बेहतर माहौल बनाने की जिम्मेदारी सभी की है।''

अभिनेत्री ने कहा, ''महिलाओं से जुड़े जरूरी मुद्दों पर फिल्म बनाने से पहले सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के बारे में सोचना सही नहीं है। ऐसी कहानियों की अहमियत उनकी कमाई से कहीं ज्यादा होती है। यह सवाल नहीं होना चाहिए कि फिल्म में कौन सा बड़ा पुरुष स्टार है या फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना कमा पाएगी। अगर कहानी जरूरी है, तो उसे सामने आना चाहिए।''

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