हसदेव के तारा कोल ब्लॉक नीलामी पर गरमाई सियासत

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रायपुर

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी करके आदिवासियों का जीवन आधार खत्म कर दिया. हसदेव, बांगो बांध इस इलाके का जीवनदायिनी है. यहां पर यदि उत्खनन होता है तो इस क्षेत्र में लाखों पेड़ काटे जायेंगे. हमारी सरकार ने लेमरू एलीफेंट अभ्यारण्य के लिए 1950 वर्ग किमी क्षेत्र को संरक्षित किया था. ये भाजपा की साय सरकार ने खुद केंद्र को पत्र लिख कर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को कहा है. एक आदिवासी मुख्यमंत्री होकर आदिवासियों और जंगल का नहीं बल्कि के हितों के खातिर काम कर रहे हैं.

जनता के ठग रही भाजपा

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था.यह पत्र 11 दिसंबर 2025 को साय सरकार ने लिखा था.हमारी सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लाकों को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था. भाजपा बताए कि उनकी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए अनुशंसा क्यों किया था? कांग्रेस की सरकार के समय 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मांग की थी कि हसदेव-अरण्य में अब किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न की जाए.16 जुलाई 2023 को कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट रूप से कहा था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी नई खदान के आवंटन या विकास की कोई आवश्यकता नहीं है. 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से वास्तव में डी-नोटिफाई कर दिया था.

जंगल लुटा दिया

भूपेश बघेल ने कहा कि तारा कोल ब्लाक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है. जिसमें से 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है. इसके लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को पूरी तरह काट दिया जाएगा.लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होगी, जिससे भारत के राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथी के आवाजाही के रास्ते पर गंभीर असर पड़ेगा, जबकि हाथियों की संख्या में कमी का संकट पहले से ही बना हुआ है.कई अन्य प्रजातियां भी इससे और अधिक खतरे में पड़ जाएंगी.

हसदेव अरण्य वन क्षेत्र के तारा कोल ब्लाक की नीलामी केंद्र सरकार के द्वारा की गयी है.इस नीलामी में तारा कोल ब्लॉक CG Syn-Gas and Chemicals Limited नाम की कंपनी को मिला है जो कि अडानी इंटरप्राइजेस लि. की सहयोगी कंपनी मून्दड़ा सिनर्जी लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है. भाजपा की सरकार राज्य में बनने के बाद छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन को अडानी पर लुटाया जा रहा है- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग

2024 और 2025 के पीएससी घोटाले की जांच कौन करेगा

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2024 की परीक्षा में सही उत्तर लिखने वाले और गलत उत्तर लिखने वाले को बराबर नंबर तो कही पर गलत उत्तर वाले को ज्यादा नंबर तथा सही वाले को कम नंबर दिया गया. छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जो सामने आई हैं. उससे गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव 2023 के पहले भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी की परीक्षा करवाएंगे.लेकिन पिछले 2 सालों से छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जा रही है.

न्यूनतम नंबर लाने का आयोग दावा

भूपेश बघेल ने कहा कि 2025 की पीएससी परीक्षा में 2025 में पीएससी के द्वारा कुल 265 पद निकाला गया. मुख्य परीक्षा में कुल पद के तीन गुना लोग उत्तीर्ण होकर साक्षात्कार में आते 265×3 = 795 इंटरव्यू में आना चाहिए. 608 लोग ही उत्तीर्ण होकर इंटरव्यू में पहुंचे. इनका तर्क है कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं ला पाये. आयोग साबित करे कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं लाये. बच्चों का दावा है कि हमारा न्यूनतम नंबर तो आया ही होगा. आयोग इंटरव्यू के पहले सभी बच्चों को कॉपी उपलब्ध कराए. 2024 की मुख्य परीक्षा में कापी जांचने में गड़बड़ी हुई है, तो 2025 में गड़बड़ी नहीं हुई होगी, इसका क्या गांरटी है?

पिछली बार 2024 में पीएससी अध्यक्ष रीता सांडिल्य के रहते गड़बड़ी हुई थी, 2025 में उनकी ही अध्यक्षता में गड़बड़ी हुई. 2024 में पीएससी परीक्षा में उत्तर-पुस्तिका की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई, यही नहीं मूल्यांकनकर्ताओं का नाम और नंबर भी सार्वजनिक हुआ था, जो बेहद आपत्तिजनक है. भर्ती परीक्षा की गोपनियता को भंग करने वालों को सजा देने के बजाय पुरस्कृत करते हुए रीता सांडिल्य को पीएससी के कार्यकारी अध्यक्ष से प्रमोट करते हुए अध्यक्ष बना दिया गया है.बेहद स्पष्ट है कि इन गड़बड़ियों को सरकार का संरक्षण है – भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग

उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार मामले के निराकरण तक इंटरव्यू स्थगित करे. अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार सभी का उत्तर-पुस्तिकायें साक्षात्कार के पहले सार्वजनिक किया जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों को यह पता लगे कि उनकी कॉपियां सही जांची गयी है. जो लोग इंटरव्यू के लिए चयनित हुए हैं उनके अतिरिक्त शेष सभी अभ्यर्थियों की कापियां अभ्यर्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए. उत्तर-पुस्तिका जांचने के लिए मूल्यांकनकर्ताओं का मानदंड तय किया जाए तथा पीएससी मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी करे.

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