रायपुर.
भाठागांव पानी टंकी के पास रोड किनारे व फुटपाथ पर रोजाना सब्जी बेचने वालों को खदेड़ने गये निगम के दस्ते को विरोध के चलते अपने बुलडोजर के साथ वापस लौटना पड़ गया. यहां नगर निगम द्वारा लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से चबूतरे वाला सब्जी बाजार बनाया गया है.
इस चबूतरे का आवंटन पूर्व में चिन्हित सब्जी बेचने वालों को लॉटरी सिस्टम से निगम मुख्यालय के बाजार विभाग ने कर दिया. आवंटन करने के बाद आसपास और नदी पार से सब्जी बेचने के लिए आने वाले ग्रामीण जो रोड किनारे पसरा बिछाकर दुकानदारी करते थे, उन्हें खदेड़ने निगम का दस्ता बुलडोजर व पुलिस के साथ पहुंच गया. इसका सब्जी बेचने वालों ने विरोध कर वापस लौटा दिया. पूर्व पार्षद सतनाम सिंग पनाग और छाया पार्षद ब्रम्हा सोनकर ने बताया कि चबूतरा आवंटन में जमकर अनियमितता बरती गई है. कई लोगों के वाजिब नाम को व्हाइटनर लगाकर मिटाने के बाद दूसरों का नाम डाला गया है. यह किसके दबाव में हुआ, यह भाठागांव के नागरिक जानना चाहते हैं.
सतनाम सिंग पनाग ने बताया कि इस बाजार का निर्माण कांग्रेस के पूर्व कार्यकाल में हुआ था, क्योंकि इस बाजार में स्थानीय के साथ ही गांव के कृषक भी अपनी सब्जी बेचने आते थे. छाया पार्षद सोनकर ने बताया कि बाजार आवंटन में अलग-अलग नंबर दिया गया है. इन नंबरों के हिसाब से किसी को 8 तो किसी के लिए 6 फीट जगह की मार्किंग की गई है. वहीं छाया पार्षद ब्रम्हा ने कहा कि एक ही परिवार के तीन-तीन अथवा चार-चार सदस्यों को स्थान आवंटित कर देने से यहां के वास्तविक सब्जी बेचने वालों को जगह नहीं मिली. साथ ही वार्ड के बाहर के लोगों को भी स्थान दिए जाने की शिकायत सामने आई है. इसके लिए वोटर आईडी और आधार कार्ड के माध्यम से स्थानीय और बाहरी की पहचान निगम प्रशासन पहले करे, फिर चबूतरा व जगह आवंटित करे. इस मामले में पीड़ित सब्जी व्यापारी निगम आयुक्त से 22 सितंबर को सुबह 11 बजे मुलाकात के लिए जाएंगे.

