नेपाल की भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंडक उफान पर; बगहा-वाल्मीकिनगर पथ डूबा

Date:

पटना
बिहार में बाढ़ से एक बार फिर हाहाकार की स्थिति है। हालत यह है कि नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी बिहार आ रहा है। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 5 लाख 43 हजार क्यूसेक से ज्यादा डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद गंडक नदी उफान पर है। वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके चलते अरेराज अनुमंडल के गंडक तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का गंभीर संकट मंडराने लगा है।

नेपाल के ग्लेशियर वाली बाढ़ से तिगुना पानी आने से त्रासदी की स्थिति बन सकती है। बगहा शहर के कैलाश नगर की वार्ड 1,2,4,6,7 में तेजी से गंडक का पानी फैल रहा है । अब तक 200 से अधिक घरों में गंडक का पानी फैल चुका है। ऐसे में लोग रेलवे ट्रैक के पास शरण लिए हुए हैं। लोग मवेशियों के साथ अहले सुबह से ही रेलवे ट्रैक पर जमे हुए हैं अभी तक राहत के नाम पर कैलाश नगर के लोगों को कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

अब दो दिनों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से सोमवार सुबह तक पूर्वी चंपारण के अरेराज अनुमंडल के गंडक दियारा और तटीय क्षेत्रों में व्यापक बाढ़ आने की पूरी संभावना बन गई है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल है। बगहा शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, गंडक के अलावा बागमती और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और सहरसा के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और चंपारण से वैशाली जिले तक तटबंधों की निगरानी का निर्देश दिया है।

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से अरेराज अनुमंडल के गंडक तटवर्ती गांवों में स्थिति संवेदनशील हो गई है। मुख्य रूप से सरेया, मिश्रौलिया, पुछरिया, बिंद टोली, नवादा सहित निचले इलाकों के दर्जनों गांवों पर बाढ़ और कटाव का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है और बस्तियों के जलमग्न होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों की रात की नींद उड़ गई है। लोग अपने मवेशियों, जरूरी अनाज और जान-माल की सुरक्षा के लिए ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने की तैयारी में जुट गए हैं। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में है।

अरेराज एसडीएम सुजीत कुमार लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम सुजीत कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों और संवेदनशील तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि नदी के कटाव और रिसाव की हर गतिविधि पर चौबीस घंटे पैनी नजर रखी जाए।वहीं, ज़मीनी स्तर पर राहत और सुरक्षा व्यवस्था की कमान अरेराज सीओ ने संभाल रखी है।

सीओ विनोद कुमार पाण्डेय राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर तटीय गांवों के ग्रामीणों से लगातार संपर्क साध रहे हैं और स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सीओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और निचले इलाकों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। संभावित खतरे से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

नदी तटीय इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सरकारी और निजी नावों को रिजर्व मोड पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन के नियमों के तहत प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, शुद्ध पेयजल और मेडिकल टीमों की व्यवस्था की जा रही है। एसडीएम सुजीत कुमार ने जनता को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है। वीटीआर में पानी फैलने से जगली जानवर जंगल क्षेत्र से बाहर निकल कर शरण तलाश रहे हैं।

बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूबा
गंडक नदी डुमरियाघाट, कोसी बलतारा, बागमती ढेंग, सोनाखान, कटौंझा व बेनीबाद, लालबकिया गोवाबारी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उधर, पश्चिमी चम्पारण के वाल्मीकिनगर, बगहा-2, बगहा-1, पिपरासी, मधुबनी, ठकहरा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया व नौतन के दियारा क्षेत्र के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर पथ भी डूब गया है। वीटीआर में पानी फैलने से जगली जानवर जंगल क्षेत्र से बाहर निकल कर शरण तलाश रहे हैं। मधुबनी प्रखंड के चिऊरही के रवहिया में लोग ऊंचे स्थान पर चले गए हैं। पूर्वी चंपारण के अरेराज ब्लॉक के तटवर्ती क्षेत्र के खेतों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। पश्चिम चंपारण की कई सड़कें गंडक की बाढ़ में डूबीं हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

JPSC 14वीं PT में सेंधमारी का आरोप, ‘सागर पैलेस’ से रकम बंटवारे का दावा; CID को मिले अहम सुराग

रांची  जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी और...

ईशा सिंह का शानदार कमबैक, 25 मीटर पिस्टल में भारत को सिल्वर मेडल

नागोया एशियन गेम्स 2026 में ईशा सिंह ने सिल्वर मेडल...

रोज-रोज पोहा-पराठे से हो गए हैं बोर? नाश्ते में बनाएं पंचमेल दाल चीला

सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो टेस्टी होने...

पहाड़ों के बीच खूबसूरत डैम, 500 मीटर ट्रैक और सोलर लाइट से बदली बुंगा की सूरत

बरवाला (पंचकूला) चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के...