ग्रेड-पे की मांग पर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का बड़ा फैसला

Date:

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग ने ग्रेड पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को लागू कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली से पहले शासन ने ग्रेड पे संबंधी प्रस्ताव को लागू नहीं किया तो 18 नवंबर से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगा।

एसोसिएशन के अनुसार, संगठन लंबे समय से अपनी एक सूत्रीय मांग ग्रेड पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को लागू करने की मांग को लेकर संघर्षरत है। इसी क्रम में 28 सितंबर को कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालयों के नर्सिंग संवर्ग ने अस्पताल परिसर में दो घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। 29 सितंबर को भी दो घंटे प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में 9, 10 और 11 सितंबर को भी नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया था। संगठन का कहना है कि लगातार विरोध और मांग उठाए जाने के बावजूद शासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

इन मेडिकल कॉलेजों में भी होगा प्रदर्शन
एसोसिएशन ने बताया कि आने वाले सप्ताह में जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग संवर्ग द्वारा भी सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का दावा है कि प्रदेशभर का नर्सिंग संवर्ग ग्रेड पे के मुद्दे पर शासन से नाराज है। एसोसिएशन ने कहा है कि 18 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन में सभी 10 मेडिकल कॉलेजों के नियमित, संविदा और डेली वेजेस पर कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी शामिल होंगे।

50 दिन पहले आंदोलन की सूचना देने की तैयारी
संगठन के मुताबिक, अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूर्व सूचना देने के लिए स्कूटी रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की अनुमति मांगी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि आंदोलन की सूचना करीब 50 दिन पहले देने की प्रक्रिया की जा रही है।

2018 में हुआ था 18 दिनों का आंदोलन
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अपने पुराने आंदोलन का भी हवाला दिया। संगठन के अनुसार, 2018 में नर्सेज संघ ने 18 दिनों तक प्रदेशव्यापी आंदोलन किया था, जिसमें दो दिनों तक नर्सिंग कर्मचारियों को जेल में भी रखा गया था। एसोसिएशन का दावा है कि उस समय उनकी मांगों पर शासन की ओर से अनुशंसा की गई थी, लेकिन बाद में जून 2021 में उसे अमान्य कर दिया गया। संगठन ने पीजी स्टूडेंट्स के स्टाइपेंड में वर्ष 2019, 2023 और 2026 में लगातार तीसरी बार वृद्धि के आदेश जारी होने का भी उल्लेख किया है।

नर्सिंग संवर्ग न्याय चाहता है : प्रदेश अध्यक्ष
नर्सिंग आफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत ने कहा कि चिकित्सकों को अस्पताल का मस्तिष्क और नर्सिंग स्टाफ को रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। ऐसे में नर्सिंग संवर्ग के साथ भेदभाव की नीति न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा नर्सिंग समुदाय अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है और मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए तैयार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

रांची ने लगाई 74 पायदान की छलांग, Oxford की ग्लोबल सिटी रैंकिंग में 792वें नंबर पर

रांची झारखंड की राजधानी रांची ने ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के Global...

बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन 1 अक्टूबर से

रायपुर बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने,...

मतदाताओं को बड़ी राहत, SIR पूरा होने वाले राज्यों में फॉर्म-6 से हटाई गई अतिरिक्त घोषणा

रांची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के आखिरी दिन...

‘लाल टोपी वालों के कारनामे भूली नहीं है यूपी की जनता’, अखिलेश पर अनिल राजभर का तीखा हमला

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के हरे और...