यूपी कांग्रेस की नई कमान मोना के हाथ, 2027 चुनाव से पहले पार्टी ने बदली रणनीति

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 लखनऊ

कांग्रेस ने अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की रामपुर खास सीट से तीसरी बार विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही कांग्रेस अपने पारंपरिक वोटबैंक की तरफ लौटती दिख रही है। शुक्रवार देर शाम यूपी कांग्रेस संगठन में की गईं तैनातियों में कांग्रेस अपने पुराने वोटबैंक की तरफ बढ़ती दिख रही है। प्रभारी दलित हैं, जबकि प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण और कार्यकारी अध्यक्ष मुस्लिम हैं। यही तीनों 80 के दशक तक कांग्रेस के बेस वोटर थे। अब लाख टके का सवाल ये है क्या 2027 के रण में इस बेस वोटर को कांग्रेस की ओर लौटाने का कमाल सचमुच हो पाएगा?

बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों पर लड़कर छह सीटें जीतने में कामयाब रही थी। वहीं, सपा के साथ मिलकर इंडिया गठबंधन को यूपी में कुल 43 सीटें मिली थीं। माना गया कि ‘संविधान बचाओ’ के नाम पर दलित वर्ग का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस में आया और कांग्रेस के नाम पर ही उसने गठबंधन उम्मीदवार को वोट किया था। लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस अब अगले साल प्रस्तावित विधान सभा चुनाव के पहले अपना पुराना वोटबैंक सहेजती दिख रही है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव के वक्त यूपी कांग्रेस के प्रभारी रहे अविनाश पांडे को हटाकर पहले उसने दलित वर्ग से आने वाले राजेंद्र पाल गौतम को नया प्रभारी बनाया।

अब शुक्रवार देर शाम जारी किए गए बदलाव के आदेशों में वह उससे और आगे बढ़कर ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम मतदाताओं में सकारात्मक संदेश देती दिखाई दे रही है। पार्टी ने ओबीसी समुदाय को भी लुभाने के लिए कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता ओबीसी समुदाय से आने वाले वीरेंद्र चौधरी को सौंप दिया है। इसके अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर भी पार्टी ने देवेंद्र निषाद को शामिल करके निषाद समुदाय में भी एक बड़ा संदेश दिया है। कुल मिलाकर पार्टी ने चुनाव के पहले यूपी में सांगठनिक फेरबदल के माध्यम से जातियों का बड़ा गुलदस्ता सजाया है।

इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दिया ये संदेश
कांग्रेस ने सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। इससे कांग्रेस पश्चिम यूपी में दलित-मुस्लिम गठजोड़ का संदेश देना चाहती है। पश्चिम में वोटरों के लिहाज से देखें तो हिंदू मतदाताओं में सबसे बड़ा हिस्सा दलितों का है। दलितों में जाटवों की हिस्सेदारी बड़ी है। राजेंद्र पाल गौतम जाटव बिरादरी से आते हैं। पार्टी ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पश्चिम यूपी के मुस्लिम मतदाताओं में सकारात्मक संदेश दिया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन के लिए पश्चिम अभी भी बड़ी चुनौती है, ऐसे में यह गठजोड़ नई राजनीतिक संभावनाएं खड़ी कर सकता है।

वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं आराधना मिश्रा
आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह उस राजनीतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में आराधना मिश्रा के बहाने सपा से समन्वय ज्यादा आसान होगा। उनके संबंध प्रियंका गांधी से भी बेहद अच्छे हैं और राहुल कैंप में भी वह फिट हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को उनपर ज्यादा भरोसा है। वह, ब्राह्मण समुदाय से आती हैं तो एक समय तक पार्टी का पारंपरिक वोटर रहे ब्राह्मणों में भी संदेश है। पार्टी आधी आबादी में भी सकारात्मक संदेश देना चाहती है।

अजय राय के योगदान को कांग्रेस ने सराहा
कांग्रेस ने अजय राय के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर दिए गए योगदान की प्रशंसा की है। अजय राय ने भी कहा कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए मैं उनका आजीवन आभारी रहूंगा। राय ने नई प्रदेश अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। अगस्त 2023 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर तैनात किए गए अजय राय ने तीन वर्ष से अधिक के कार्यकाल में यूपी कांग्रेस में नई जान फूंकने का प्रयास किया। वह इस दरमियान कांग्रेस की मुखर आवाज के तौर पर सत्ता को चुनौती देते रहे। उन्होंने जिस तरह से कांग्रेस के तत्कालीन यूपी प्रभारी अविनाश पांडे के साथ मिलकर 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ हुए गठबंधन में मजबूत 'केमेस्ट्री' का संदेश दिया, वह इससे पहले पार्टी ने किसी भी गठबंधन में नहीं देखा गया था। इसी का असर रहा था कि 2019 में महज एक सीट पर सिमट गई कांग्रेस दोबारा 2024 के लोकसभा चुनाव में छह सीट जीतने में कामयाब रही। यह बात दीगर है कि अजय राय को तीन साल में पार्टी ने उनकी नई टीम नहीं दी। बावजूद इसके वह लगातार पार्टी को सक्रिय बनाए रहे। उनकी बेबाकी और सत्ता के प्रति तल्ख तेवर ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा था।

अराधना मिश्रा ने जताया आभार
आराधना मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि मैं अपनी चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रही हूं, जो कांग्रेस के साथ है। पार्टी नेतृत्व का बहुत आभार कि उसने मुझे यह जिम्मेदारी दी है। मैं, पार्टी के हर कार्यकर्ता, पूर्व और वरिष्ठों को साथ लेकर चलूंगी। 2027 में कांग्रेस की सरकार बनेगी। अब वक्त कम है, लिहाजा ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

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