अलीगढ़ में बस स्टेशनों के नाम बदलने की तैयारी, शासन को भेजे गए 8 प्रस्ताव

Date:

अलीगढ़
यूपी के अलीगढ़ के आठ प्रमुख बस स्टेशनों को अब नई पहचान मिलने जा रही है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शहीदों और महापुरुषों के नाम पर बस स्टेशनों के नामकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। चार साल बाद एक बार फिर बस स्टेशनों के नाम बदलने की कवायद तेज हुई है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) रोडवेज की ओर से आठ बस स्टेशनों के नए नामों की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नाम से होगी।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय इतिहास के उन नायकों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिनका योगदान महत्वपूर्ण होने के बावजूद समय के साथ लोगों की स्मृतियों से दूर होता गया। बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों के नामकरण के माध्यम से इनके संघर्ष और योगदान को आम लोगों के बीच पहुंचाने की योजना है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को इन महापुरुषों और शहीदों के नामों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। प्रस्ताव के मुताबिक इगलास बस स्टेशन का नाम राजा अमानी जी बस स्टेशन रखा जाएगा। इसी तरह अकराबाद बस स्टेशन का नाम अमर शहीद ठाकुर मंगल सिंह-महताब सिंह बस स्टेशन करने की संस्तुति की गई है।

मसूदाबाद बस स्टेशन का नाम नारायण पंडित जी बस स्टेशन प्रस्तावित है। शहर के महत्वपूर्ण सैटेलाइट बस स्टेशन, सूतमील चौराहा का नाम मोहनलाल गौतम बस स्टेशन रखने का प्रस्ताव है। वहीं गभाना बस स्टेशन का नाम छोटे लाल गौतम बस स्टेशन किया जाना प्रस्तावित है। शहर के गांधीपार्क बस स्टेशन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बस स्टेशन के नाम से पहचान देने की संस्तुति भेजी गई है। इसी क्रम में खैर बस स्टेशन का नाम ठाकुर टोडर सिंह बस स्टेशन और अतरौली बस स्टेशन का नाम बनारसी दास बस स्टेशन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन नामों के जरिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सार्वजनिक पहचान देने का प्रयास किया गया है।

चार साल बाद फिर बदलेगी पहचान
बस स्टेशनों के नाम बदलने की प्रक्रिया जिले में करीब चार साल बाद फिर सामने आई है। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाने के बाद अब निगाहें स्वीकृति पर टिकी हैं। शासन की मंजूरी मिलने के बाद रोडवेज स्तर पर नए नामों को रिकॉर्ड, साइन बोर्ड और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज किया जाएगा।

यात्रियों के साथ नई पीढ़ी को भी मिलेगा संदेश
बस स्टेशनों पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थानों का नाम महापुरुष व शहीदों के नाम पर रखने से उनके योगदान की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। खासतौर पर स्थानीय इतिहास से जुड़े व्यक्तित्वों को सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से पहचान मिलने से नई पीढ़ी में उनके बारे में जानने की रुचि बढ़ सकती है। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अलीगढ़ के आठ बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नामों के साथ इतिहास व वर्तमान को जोड़ने वाली नजर आएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

नर्सिंग स्टाफ ने खोला मोर्चा, ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग को लेकर 7 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन

रायपुर. प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने...

कूनो में गूंजी चीतों की नई पीढ़ी की किलकारी, KJP-21 ने दिए 5 स्वस्थ शावक; संख्या बढ़कर 60

कूनो में गूंजी चीतों की नई पीढ़ी की किलकारी भारतीय...