अर्थशास्त्र के नोबेल विजेताओं का ऐलान, अमेरिका के दो प्रोफेसरों को आर्थिक स्थिरता पर शोध के लिए पुरस्कार

Date:

नई दिल्ली
इस साल के नोबेल पुरस्कारों के सिलसिले की आखिरी और बेहद अहम कड़ी यानी 'अर्थशास्त्र' के विजेताओं के नाम का ऐलान हो गया है. साल 2026 का प्रतिष्ठित नोबेल मेमोरियल प्राइज इन इकोनॉमिक्स अमेरिका के दो दिग्गज अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडवर्ड को संयुक्त रूप से दिया गया है.

यह पुरस्कार उन्हें मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबलाइजेशन (आर्थिक स्थिरता) के माइक्रोकॉनमिक फाउंडेशंस पर उनके अभूतपूर्व शोध और मॉडल विकसित करने के लिए प्रदान किया गया है.

क्या है इन दोनों अर्थशास्त्रियों का योगदान?
रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडवर्ड के इस ऐतिहासिक काम ने ग्लोबल इकोनॉमी को दिशा देने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. इन दोनों अर्थशास्त्रियों ने ऐसे आधुनिक मैक्रोइकोनॉमिक मॉडल तैयार किए हैं, जिनकी मदद से सरकारें और नीति निर्माता अधिक प्रभावी स्टेबलाइजेशन नीतियां बना सकते हैं.

उनके ये मॉडल नीति निर्माताओं को यह समझने में मदद करते हैं कि अर्थव्यवस्था में आने वाले भारी उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने के लिए राजकोषीय (fiscal) और मौद्रिक (monetary) उपायों को सटीक समय पर कैसे लागू किया जाए. उनका यह शोध इस बात को गहराई से समझाता है कि कोई भी अर्थव्यवस्था हालात में होने वाले बदलावों पर कैसे प्रतिक्रिया देती है और स्थिरता हासिल करने के लिए कौन से कदम जरूरी हैं.

कौन हैं रॉबर्ट ई हॉल और माइकल वुडवर्ड?
रॉबर्ट ई हॉल का जन्म 1943 में अमेरिका के पालो ऑल्टो में हुआ था. वर्तमान में वे प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वहीं माइकल वुडवर्ड का जन्म 1955 में अमेरिका के चिकोपी में हुआ था. वर्तमान में वे दुनिया के एक अन्य शीर्ष संस्थान कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं.

पुरस्कार राशि और नोबेल का इतिहास
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत विजेताओं को कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की राशि प्रदान की जाती है. यह इस साल (2026) की घोषणाओं में घोषित होने वाला आखिरी नोबेल पुरस्कार है.

इतिहास: इस पुरस्कार का आधिकारिक नाम 'अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्वेरिक्स रिक्सबैंक प्राइज इन इकोनॉमिक्स साइंसेज' है. इसकी शुरुआत साल 1968 में हुई थी और इसे स्टॉकहोम (स्वीडन) स्थित 'रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज' द्वारा प्रदान किया जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

​कुरुषनार का कायकल्प: जहाँ कल तक गूंजती थीं बारूद की आहटें

रायपुर छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ का नाम सुनते ही कभी बीहड़,...

1.09 करोड़ से अधिक गतिविधियों की प्रविष्टियां दर्ज

‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर प्रदेश के सभी...