मध्यप्रदेश में चौथी रेल लाइन की तैयारी तेज, कटनी-पेंड्रा रोड रूट पर जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

Date:

  कटनी
कटनी से पेंड्रा रोड के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी अब जमीन अधिग्रहण की दिशा में आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद रेलवे ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। अब सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि रेल लाइन के लिए किन गांवों की कितनी निजी जमीन की जरूरत पड़ेगी। सर्वे शुरू होने के साथ ही संभावित प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों की नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी जमीन परियोजना के दायरे में आती है या नहीं और अधिग्रहण होने पर उन्हें कितना मुआवजा मिलेगा।

इन जिलों से होकर गुजरेगी रेललाइन, 201 किलोमीटर है कुल लंबाई
जानकारी के अनुसार कटनी-पेंड्रा रोड रेलखंड पर चौथी लाइन बिछाने की परियोजना की लंबाई 201.37 किलोमीटर है। इसके लिए मध्य प्रदेश के कटनी सहित उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। हाल ही में जारी अधिसूचना के तहत संबंधित अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे परियोजना के लिए जमीन चिह्नित करने की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। जिले में जमीन अधिग्रहण के लिए एसडीएम को नियुक्त किया गया है।

चौथी लाइन से यह होगा फायदा
कटनी-पेंड्रा रोड रेलखंड पर चौथी लाइन बनने का फायदा सिर्फ मालगाडियों को नहीं, यात्रियों को भी मिलेगा। इस रूट पर कोयला मालगाडियों का दबाव लगातार बढने की संभावना है। अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए ज्यादा क्षमता मिलेगी। इससे ट्रेनों को एक दूसरे के लिए रास्ता देने में होने वाली देरी और अनावश्यक ठहराव कम हो सकते हैं। कटनी से बिलासपुर, अनूपपुर, शहडोल और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए इसका सीधा फायदा बेहतर परिचालन के रूप में मिल सकता है। ट्रैक क्षमता बढने से समयपालन में सुधार, अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलाने और मौजूदा ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। यानी चौथी लाइन बढ़ते माल यातायात के साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खोलेगी।

2975 करोड़ की है परियोजना
केंद्र सरकार ने 9 सितंबर 2026 को कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन सहित तीन रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। तीनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपए है। कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन पर करीब 2,975 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। चौथी लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा मालगाडियों को होगा, क्योंकि कोयले की बढ़ती खेप को अधिक क्षमता के साथ निकाला जा सकेगा।

जमीनों का सर्वे इस परियोजना का अहम चरण होगा। इसी से पता चलेगा कि किन गांवों में रेल लाइन के लिए जमीन की जरूरत है और किन किसानों के खेत या जमीन का कुछ हिस्सा प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि कई परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन भी होती है। ऐसे में यदि किसी किसान की खेती की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आती है, तो उसके सामने खेती के रकबे में कमी और भविष्य की आय को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर जमीन मालिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा मुआवजे का होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

मुंबई इंडियंस में बड़ा बदलाव संभव! IPL 2027 में रोहित शर्मा संभाल सकते हैं कप्तानी की कमान

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सीजन 2027 से...