जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों से किया संवाद

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ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर हुई चर्चा

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल तथा सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से संवाद कर क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात तथा उद्योगों के विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा की। संवाद में लगभग 20 उद्यमियों ने सहभागिता की और शासन से प्राप्त सहयोग, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के संबंध में अपने अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी उद्यमियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैसर्स एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना करते हुए कहा कि ग्लास उद्योग को प्रोत्साहित कर प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सकती है। मध्यप्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने तथा उद्योगों में इनके उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। कंपनी को लगभग 27 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है, जहां ग्लास विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है। वर्तमान में इकाई का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा करीब 2,000 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है।

मुख्यमंत्री ने मैसर्स बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की पहल की भी सराहना की। यह कंपनी बायोमास पैलेट्स का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की औद्योगिक इकाइयां फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग और पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कृषि अपशिष्ट से बायोमास पैलेट्स एवं बायोचार का निर्माण कर अपशिष्ट का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक विकास को एक साथ प्रोत्साहन मिलेगा।

उद्यम संवाद में सिनोरिया फार्मा के उद्यमी कपिल सत्यवानी ने बताया कि उनकी इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वर्ष 2024 में वर्चुअली किया गया था। इकाई में चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा संबंधी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दीपावली तक उत्पादन प्रारंभ करने की तैयारी है। इस इकाई में लगभग 6 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इकाई की स्थापना एवं उत्पादन प्रारंभ करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए उद्यमी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उद्यम संवाद में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन से प्राप्त सहयोग और विभागीय समन्वय से उनकी औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी इकाइयों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा कुछ इकाइयों के उत्पादों का निर्यात भी किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पोरसा और सबलगढ़ सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें और समग्र क्षेत्रीय विकास को गति मिले।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोहराया कि राज्य शासन उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।

 

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