श्रीराम कथा समापन में बोले योगी आदित्यनाथ: राम नाम से एकजुट हुआ देश

Date:

लखनऊ
सीतापुर रोड स्थित ब्रज की रसोई परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

सीएम ने कहा कि भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं है। जो भारत की संस्कृति, विरासत और मूल्यों का सम्मान करेगा, वही यहां सम्मानपूर्वक रह सकेगा। जो भारत की आत्मा और उसके संस्कारों को स्वीकार नहीं कर सकता, उसके लिए यहां कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने पद्म विभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि चित्रकूट में देश के पहले दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना कर उन्होंने सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस आयु में भी वे विश्राम करने के बजाय लोकमंगल और राष्ट्रकल्याण के लिए देश-विदेश में श्रीराम कथा के माध्यम से जनजागरण का कार्य कर रहे हैं।

श्रीराम के नाम ने पूरे देश को एक जुट बनाए हैं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन किसी व्यक्ति, संगठन या दल का आंदोलन नहीं था, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय था। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम वह सूत्र रहा, जिसने उत्तर से दक्षिण तक पूरे देश को एकजुट बनाए रखने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति भगवान राम के आदर्शों का थोड़ा-सा अंश भी अपने जीवन में उतार ले, तो उसका ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का भी कल्याण संभव है।

कंस और मारीच का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास और धर्मग्रंथ हमें सज्जन शक्ति को संगठित करने तथा अधर्म और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कंस और मारीच के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत संगति और स्वार्थपूर्ण सलाह हमेशा समाज और राष्ट्र को नुकसान पहुंचाती है।

संत समाज सदैव लोगों को जोड़ने का काम करता है
सीएम योगी ने कहा कि कुछ शक्तियां समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने का प्रयास करती हैं, जबकि संत समाज सदैव लोगों को जोड़ने और राष्ट्र को मजबूत करने का कार्य करता है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम और संतों का सानिध्य व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को नमन करते हुए उनके आगामी साधना पर्व की सफलता तथा राष्ट्र कल्याण की कामना की। साथ ही उपस्थित श्रद्धालुओं को जय श्रीराम के उद्घोष के साथ शुभकामनाएं भी दीं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बिजली कार्मिक करेंगे शिकायतों का तत्काल समाधान

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि...

रायसेन के डायल-112 हीरोज खेलते-खेलते घर से निकले 03 वर्षीय गुम बालक को खोजकर परिजनों से मिलाया

भोपाल रायसेन जिले के थाना सुल्तानगंज क्षेत्र में डायल-112 जवानों...

यूपीकॉस के माध्यम से एकीकृत और तकनीक आधारित होगी आउटसोर्स प्रणाली

लखनऊ  प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और...

विशेषज्ञों ने साइबर एवं फॉरेंसिक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी

लखनऊ  योगी सरकार अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति...