निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, एमडी यादव ने दिए सख्त निर्देश

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निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : एमडी यादव

गुणवत्ता में लापरवाही पर 8 निर्माण एजेंसियाँ होगी ब्लैक लिस्टेड
जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा 29 कार्यों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
बारिश से पहले सड़क एवं पुलों की मरम्मत, सीएम हेल्पलाइन और लोक कल्याण सरोवरों की समीक्षा
लोक निर्माण विभाग के 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण

भोपाल

प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान अन्तर्गत दिनांक 5 जून 2026 को मुख्य अभियंताओं के 7 विशेष निरीक्षण दलों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया। रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम एवं पन्ना जिलों में निरीक्षण किया गया। इसमें कुल 35 निर्माण कार्यों का रेंडमली चयन कर उनकी गुणवत्ता, प्रगति, तकनीकी मानकों एवं रखरखाव की स्थिति का परीक्षण किया गया।

निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण कार्य, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) से संबंधित था।

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निरीक्षण दलों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव, तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा सहित प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षण दलों के अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे।

एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना निर्माण, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता अथवा अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों को चिन्हित करना नहीं बल्कि निर्माण गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।

गंभीर अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई

एमडी यादव ने कई कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन भामौरी से पटना सड़क मार्ग के कार्य में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स आशीष गुप्ता को मुख्य अभियंता रीवा परिक्षेत्र द्वारा ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

पन्ना जिले में करिया से महोद खुर्द मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार करिया से महोदकला सड़क निर्माण कार्य में गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर को ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिए गए।

पन्ना जिले में ही मोहेंद्र-गोलही-पलोही मार्ग, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत है, उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स आर.एस. इन्फ्रा, सतना के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

रायसेन जिले में एसएच-15 से बासा-धामनपानी-कुचवाड़ा-किटुआ मार्ग के निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स जगदीप सिंह एंड कंपनी, उत्तर प्रदेश के विरुद्ध ब्लैक लिस्ट करने को कहा गया। अमरावद-चांदपुरा-भिश्ती से मोकलवाड़ा-पालका-मार्ग की 7 किलोमीटर लंबी सड़क, जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है, की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स चौधरी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, भोपाल को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

रायसेन जिले के गैरतगंज स्थित विश्राम गृह निर्माण कार्य के निरीक्षण में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स शशि कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैक लिस्ट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

सिवनी जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन गवर्नमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, धनोरा के कार्य में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा बैठक में संबंधित वर्तमान एवं तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने, परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट आईक्यूटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इंदौर को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

29 कार्यों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकांश कार्यों में सामान्य अथवा आंशिक कमियां पाई गईं। एमडी यादव ने ऐसे कुल 29 कार्यों में संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एमडी यादव ने कहा कि आगामी निरीक्षणों में इन कार्यों की पुनः जांच की जाएगी तथा यदि कमियों का निराकरण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

पुराने निरीक्षण प्रतिवेदनों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

एमडी यादव ने निर्देश दिए कि पूर्व में किए गए औचक निरीक्षणों के प्रतिवेदनों में उल्लेखित सभी कमियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निरीक्षण प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की अलग से समीक्षा की जाएगी और लंबित मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी देकर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की रैंकिंग में निरंतर सुधार लाने के लिए शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

वर्षाकाल पूर्व सड़क एवं पुलों की सुरक्षा पर विशेष जोर

एमडी यादव ने आगामी वर्षाकाल को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा सड़कों पर गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कहा गया कि वर्षा के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सभी जलमग्नीय पुलों पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, जलस्तर संबंधी जानकारी एवं आपातकालीन सहायता के लिये हेल्पलाइन नंबर 1099 का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्य 30 जून तक पूरे करने के निर्देश

बैठक में वर्ष 2026 के लिए निर्धारित लोक कल्याण सरोवरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति 30 जून 2026 तक सुनिश्चित की जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

एमडी यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा की अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे निर्माण कार्यों के प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करें ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सके।

 

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