न्यू नोएडा के विकास की तैयारी तेज, पहले चरण में 37 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण

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नोएडा
 उत्तर प्रदेश में न्यू नोएडा परियोजना का काम आगे बढ़ रहा है, पहले चरण में 37 प्राथमिकता वाले गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने रविवार को यह जानकारी दी. प्रस्तावित न्यू नोएडा को NCR में एक बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, इसका उद्देश्य विनिर्माण, माल ढुलाई और भंडारण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। 

न्यू नोएडा को आधिकारिक तौर पर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से अधिसूचित किया गया है. यह परियोजना गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के 84 गांवों में लगभग 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित होगी। 

अवनीश कुमार अवस्थी ने एक्स पर परियोजना की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद न्यू नोएडा पर ध्यान केंद्रित हो रहा है, उनके मुताबिक, इसका आकार मौजूदा नोएडा से भी बड़ा होगा। 

यह प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) ढांचे के तहत विकसित की जा रही है. इसका मकसद NCR में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए नई जगह उपलब्ध कराना है। 

आवासीय विकास से ज्यादा उद्योगों पर जोर

न्यू नोएडा की योजना पारंपरिक शहरी विकास मॉडल से अलग होगी. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय क्षेत्रों के साथ औद्योगिक गतिविधियों का विकास हुआ है, लेकिन न्यू नोएडा में विनिर्माण और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा. मास्टर प्लान 2041 के तहत कुल क्षेत्रफल का करीब 40.27 प्रतिशत हिस्सा विनिर्माण और भारी लॉजिस्टिक्स के लिए निर्धारित किया गया है, इससे यहां औद्योगिक इकाइयों, गोदामों और माल के भंडारण एवं परिवहन से जुड़ी सुविधाओं के विकास का रास्ता खुलेगा। 

इस औद्योगिक ढांचे से निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद है, साथ ही, NCR में कारोबार करने वाली कंपनियों को अपनी गतिविधियां बढ़ाने के लिए अतिरिक्त जगह मिल सकती है। 

दो बड़े माल ढुलाई कॉरिडोर से जुड़ेगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा की प्रमुख विशेषताओं में इसकी रेल माल ढुलाई नेटवर्क से कनेक्टिविटी शामिल है. दादरी के पास पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का मिलन होता है, ये दोनों कॉरिडोर देश में माल की तेज और व्यवस्थित आवाजाही के लिए विकसित किए गए हैं. इनसे जुड़ाव होने पर औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है, इससे परिवहन की दक्षता बढ़ने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। 

बोराकी में मल्टीमॉडल हब से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
न्यू नोएडा को बोराकी में प्रस्तावित दो प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से भी जोड़ने की योजना है, इनमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) शामिल हैं. इन सुविधाओं का उद्देश्य माल ढुलाई और यात्रियों के परिवहन को बेहतर तरीके से जोड़ना है. न्यू नोएडा के विकास के साथ इन परियोजनाओं का तालमेल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत कर सकता है। 

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