मानसा.
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध और दुख के चलते इस बार मानसा में दशहरे का त्योहार नहीं मनाया जा रहा है। दशहरा कमेटी और रामलीला कमेटियां पहले ही ड्रग टास्क फोर्स के कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में दशहरा नहीं मनाने का ऐलान कर चुकी हैं।
बता दें कि मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार पर परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के अगले दिन यानी 14 अक्टूबर से ही शहर में रामलीलाओं का आयोजन भी बंद कर दिया गया था।
दशहरे पर बाजारों में छाया सन्नाटा
दशहरे के दिन मानसा के बाजारों में रौनक नजर नहीं आई। बाजार सुनसान दिखाई दिए। दुकानदारों का कहना है कि इस घटना के कारण त्योहार के दिनों में भी बाजार खाली पड़े हैं और लोग खरीदारी के लिए नहीं आ रहे हैं। दुकानदार रवि राज, राजीव कुमार, वरिंदर पहलवान और राधा रमण बब्बू ने बताया कि घटना के विरोध में मानसा के तिकौणी चौक पर धरना चल रहा है। इसके चलते सभी प्रमुख रास्ते बंद हैं और आसपास के गांवों से आने वाले लोग बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। दुकानदारों ने कहा कि पहले दशहरे के दिन बाजारों में इतनी भीड़ होती थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी, लेकिन इस बार शहर के बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।

