विदेशी प्रतिनिधियों ने देखा इंदौर का ऐतिहासिक वैभव, BRICS सम्मेलन के दौरान होलकर इतिहास से हुए रूबरू

Date:

इंदौर 

इंदौर में चल रहे ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में भाग लेने आए अलग-अलग देशों से आए प्रतिनिधियों और कृषि विशेषज्ञों के लिए बुधवार की सुबह कुछ खास थी। उनके लिए एक बार फिर शहर के ऐतिहासिक स्थलों का इतिहास जीवंत किया गया। राजवाड़ा पैलेस में पुराने समय में लगने वाले दरबार की तरह हरकारों की गूंज सुनाई दी और शास्त्रीय संगीत की स्वर-लहरियां गूंजीं। 

ब्रिक्स सम्मेलन में जर्मनी, इथियोपिया, इंडोनेशिया सहित 20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। उनके लिए सुबह हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। पहले यह वॉक बोलिया सरकार छत्री से होना थी, लेकिन उसके बजाय मेहमान साढ़े छह बजे सीधे राजवाड़ा पहुंचे। यहां उनके लिए गोल मेज लगाई गई थी।

गोपाल मंदिर की सुंदरता देख मेहमान हुए मुग्ध
इतिहासकार जफर अंसारी ने इंदौर की महारानी देवी अहिल्या के शासनकाल के अलावा होलकरकाल से जुड़े इतिहास के तथ्य बताए। राजवाड़ा में जब दरबार लगता था, तब दूसरे राज्यों के राजाओं को किस तरह हरकारा देकर सम्मानित किया जाता था, इसकी प्रस्तुति भी दी गई। इसके बाद राजवाड़ा पर संगीत और नृत्य की प्रस्तुति भी कलाकारों ने दी। इसके बाद मेहमान गोपाल मंदिर पहुंचे और पहली मंजिल पर लकड़ी के नक्काशीदार भवनों को निहारा।

लिया इंदौरी व्यंजनों का स्वाद
हेरिटेज वॉक में शामिल मेहमानों के लिए इंदौरी नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। स्टॉल पर रखे गए पोहे, जलेबी के साथ मेहमानों ने चाय-कॉफी का लुत्फ भी लिया। करीब डेढ़ घंटे तक हेरिटेज वॉक में शामिल होने के बाद मेहमान होटल के लिए रवाना हो गए।

चखे आम, लोक नृत्यों पर थिरके मेहमान
हेरिटेज वाॅक के बाद विदेशी मेहमान ग्रामीण हाट पहुंचे। यहां उन्होंने जैविक खेती के उत्पादों को देखा और स्टाॅल पर आमों का स्वाद भी चखा। इंडोनेशिया से आई रीना सुप्रिहाती ने आदिवासी गीत पर नृत्य भी किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

नौकरी में आरक्षण को लेकर HC की अहम टिप्पणी, आरक्षित कोटे का फायदा लेने वालों पर स्पष्ट आदेश

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रियाओं में...

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, अमृतसर में 5 अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का एक्शन

अमृतसर. जिला अमृतसर में अवैध कालोनियों पर सख्त कार्रवाई की...

निर्जला एकादशी 2026 कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

साल की सबसे बड़ी एकादशी यानी निर्जला एकादशी आने...