मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की पहल तेज, सीएम मोहन यादव ने दक्षिण अफ्रीकी टीम से समझी रेस्क्यू प्रक्रिया

Date:

 बोमा 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार सुबह करीब 8 बजे जिले के ग्राम कुलमनखेड़ी स्थित बोमा स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों की टीम द्वारा बोमा पद्धति से किए जा रहे कृष्णमृग (ब्लैकबक) और नीलगायों के रेस्क्यू एवं स्थानांतरण अभियान का निरीक्षण किया। 

दक्षिण अफ्रीकी टीम से समझी रेस्क्यू की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने बोमा स्थल पर वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और निर्धारित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था का जायजा लिया। अभियान के तहत कृष्णमृगों और नीलगायों को बोमा पद्धति से एकत्रित किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें परिवहन वाहनों के जरिए दूसरे स्थान पर भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी से उड़ान में देरी

रेस्क्यू अभियान के दौरान दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों की टीम के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान में देरी हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारियों से चर्चा की। बाद में हेलीकॉप्टर की उड़ान शुरू हुई।

हेलीकॉप्टर से बोमा तक लाए जाते हैं कृष्णमृग

रेस्क्यू अभियान में हेलीकॉप्टर की मदद से जंगल में हांका लगाकर कृष्णमृगों को बोमा की ओर लाया जाता है। हेलीकॉप्टर की आवाजाही और हांके के जरिए उन्हें निर्धारित रास्ते से विशेष घेराबंदी वाले क्षेत्र तक पहुंचाया जाता है। यहां वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर परिवहन वाहनों से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है।

हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री का आगमन ग्राम रंथभंवर स्थित हेलीपैड पर हुआ। यहां विधायक शाजापुर अरुण भीमावद, विधायक कालापीपल घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, डॉ. रवि पांडे, उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह, आईजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े और पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए बोमा स्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मुख्यमंत्री को देखने के लिए ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रवेश पास के बिना लोगों को कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

फसल नुकसान से बचाने चल रहा अभियान

पिछले साल की तरह इस साल भी किसानों की फसलों को हिरणों और नीलगायों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत वन्यजीवों को बोमा पद्धति से सुरक्षित पकड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री बोमा क्षेत्र का भ्रमण कर वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेंगे।

दो दिन में 280 वन्यजीवों का रेस्क्यू

अभियान के तहत ग्राम बड़िगांव में सोमवार को 169 और मंगलवार को 111 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 280 वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ा गया। जिले में अब तक रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों की संख्या 1,275 हो गई है। अभियान में दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञ तकनीकी सहायता दे रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

पैरोल अवधि पूरी होने के बाद रात में जेल पहुंचे आसाराम, देर होने के कारण नहीं मिली एंट्री

 जोधपुर   नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास...

पंजाब में दशहरा विवाद: रावण के पुतले पर नेताओं की तस्वीरें लगाने के मामले में 7 लोगों पर केस दर्ज

लुधियाना  दशहरे पर रावण के पुतले पर पंजाब के मुख्यमंत्री...

DIG हरचरण सिंह भुल्लर का सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन, भ्रष्टाचार मामले में गवाहों की जल्द गवाही पर जोर

चंडीगढ़  भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के निलंबित...