लखनऊ
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य वक्ता के रूप में मोर्चा संभाला और पार्टी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार किया।
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हुए की. उन्होंने बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं को 'मालिक' कहकर संबोधित किया और कहा, "भाजपा के मालिक देवतुल्य कार्यकर्ताओं को मेरा राम-राम." शाह ने कहा कि बीजेपी की असली ताकत उसका बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही है, जिसके दम पर पार्टी ने देश और प्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
CM योगी की तारीफ करते हुए अमित शाह ने कहा, '2019 में योगी जी को मुख्यमंत्री बनाया माफियाओं ने उसके पहले उत्तर प्रदेश को जकड़ कर रखा था.मैं योगी जी को बधाई देना चाहता हूं लोगों ने कठोर शासन देकर यूपी को माफियाओं से मुक्त किया. मित्रों यहां तुष्टिकरण चलता था, साढ़े पांच सौ साल से राम मंदिर नहीं बन पाया था, मोदी जी आए तो राम मंदिर की बना. धारा 370 की बात होती थी तो लोग कहते थे उनकी नदियां बह जाएगी. कई प्रदेशों में UCC लागू हो चुका है उत्तर प्रदेश में आप BJP सरकार बना उत्तर प्रदेश में हम UCC लागू करेंगे।
सपा पर हमला
सपा पर तीखा हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि आज वही दिन है जब मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान रामभक्तों और कारसेवकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं. उन्होंने कहा कि उस समय पूरा सरयू नदी का जल रामभक्तों के लहू से लाल हो गया था।
सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, "अखिलेश बाबू, आप किस मुंह से राज्य में सरकार बनाने की बात करते हैं?" उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार 'अंगद का पैर' है, जिसे कोई नहीं हटा सकता. अमित शाह ने कहा कि यूपी में हम फिर से सरकार बनायेंगे. उन्होंने कहा, 'कल्याण सिंह ने बिना अपनी सरकार की चिंता किए अयोध्या में कार सेवा होने दिया और ढांचा धवस्त हुआ।
2017 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं आज आप कार्यकर्ताओं को याद करने आया हूं यह आप ही लोग हो जिन्होंने रिकॉर्ड सीटें उत्तर प्रदेश में जिताई थी 2017 – 40 फीसदी वोट लेकर 312 सीटें दिलाई थी। 2022 में भी 41 फ़ीसदी वोट पाए और मैजिक फिगर से काफी ज्यादा सीट लेकर आए.आज कहता हूं कमर का स्लो और अर्जुन की तरह मछली की आंख पर निशाना लगाओ फिर से प्रचंड बहुमत से सरकार लेकर आएंगे. समय है तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाएंगे. मैं याद दिलाने आया हूं कि भाजपा के नेता भी सबसे पहले कार्यकर्ता है।
2,850 दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बना चुनावी प्लान
आपको बता दें कि लखनऊ में आयोजित इस मेगा बैठक में संगठन और सरकार के करीब 2,850 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. बैठक में उत्तर प्रदेश से केंद्र में शामिल मंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री (केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक), सभी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और मोर्चों के पदाधिकारी मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव अहम चुनौती माना जा रहा है. 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. 2022 में भी बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही, हालांकि उसकी सीटों की संख्या 2017 के मुकाबले कम हो गई थी. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने राज्य में राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर बदल दी।
ऐसे में बीजेपी के सामने 2027 में अपनी सरकार बरकरार रखने के साथ-साथ संगठन और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की चुनौती है. यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही संगठनात्मक बैठकों और रणनीतिक तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है. लखनऊ की यह कार्यसमिति बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम है।

