रांची
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जिस तरह पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है, अब उसी तर्ज पर रांची में भी संगठित अपराध और रंगदारी के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता दिख रहा है। अपराधियों की गोली का जवाब पुलिस गोली से दे रही है।
पिछले तीन वर्षों के दौरान रांची जिले में अलग-अलग आपराधिक घटनाओं के आरोपितों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच कई मुठभेड़ हुई हैं। इनमें अपराधियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कार्रवाई में खास तौर पर रंगदारी और फायरिंग के जरिए दहशत फैलाने वाले राहुल दुबे गिरोह पर फोकस है।
इसके अलावा रांची में संगठित अपराध पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अब गिरोह के संचालकों और सदस्यों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करने की तैयारी है। वहीं, एटीएस भी गिरोह की गतिविधियों, आर्थिक नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई चेन की जांच कर कार्रवाई में जुटी है।
शुक्रवार को राहुल दुबे गिरोह के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को गिरोह के हथियार सप्लायर जियाउल हबीब की गिरफ्तारी हुई। इसके द्वारा गिरोह के सदस्यों को हथियार दिया जाता था इसके बाद फायरिंग की घटना को अंजाम दिया जाता था।
ऐसे समझे मुठभेड़ की कहानियां
अधिवक्ता के हत्यारे को घर में घुसकर पुलिस ने मारी गोली
अनगड़ा: अगस्त 2024
सिविल कोर्ट के अधिवक्ता की हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम अनगड़ा पहुंची थी। पुलिस को देखते ही आरोपितों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपित रोशन के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। अधिवक्ता हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान में यह मुठभेड़ हुई थी।
रातू: अक्टूबर 2025
कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से रंगदारी वसूलने की तैयारी कर रहे राहुल दुबे गिरोह के शूटरों की सूचना पर रांची पुलिस ने होचर इलाके में घेराबंदी की थी। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में साजन अंसारी और अमित कुमार के पैर में गोली लगी। पुलिस ने अतीश दास और देवानंद दास समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया था।
कांके :अप्रैल 2026
पूर्व पार्षद और जमीन कारोबारी हत्याकांड के आरोपित सत्यम पाठक को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस हथियार बरामद कराने कांके डैम के पास पहुंची थी। इसी दौरान सत्यम ने एक एएसआइ की पिस्तौल छीनकर पुलिस पर दो राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में पांच राउंड गोलियां चलाईं। इसमें सत्यम पाठक के पैर में गोली लगी।
ओरमांझी: अक्टूबर 2026
शहर में लगातार हो रही चेन छिनतई की घटनाओं के बाद पुलिस ने बिहार के कटिहार के कोढ़ा गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया। चुट्टू गांव में छानबीन और हथियार बरामदगी के दौरान एक अपराधी ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर भागने और फायरिंग करने की कोशिश की।
जवाबी कार्रवाई में गिरोह के सदस्य रंगीला यादव के पैर में गोली लगी। अमन यादव और कार्तिक यादव को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से पांच सोने की चेन और हथियार बरामद किए।
विधानसभा: अक्टूबर 2026
कांके पेट्रोल पंप पर फायरिंग की घटना में शामिल राहुल सिंह गिरोह के शूटरों की तलाश में पुलिस ने नयासराय रेलवे लाइन के पास कार्रवाई की। पुलिस को देखकर अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में शूटर शाहिद अंसारी के पैर में गोली लगी। उसके साथी शमशाद अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दो पिस्तौल और चोरी की बाइक बरामद की।
धुर्वा :अक्टूबर 2026
राहुल दुबे गिरोह ने कांके में कोयला कारोबारी के घर और हजारीबाग के एके इंटरनेशनल होटल में फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। तकनीकी सूचना के आधार पर पुलिस ने कांके रिंग रोड इलाके में कार सवार चार अपराधियों को पकड़ा।
इनके पास से दो पिस्टल, गोली, मैगजीन और मोबाइल मिले। गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर सीठियो में छापामारी के दौरान सौरभ कुमार ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से भी पिस्टल, गोली और मोबाइल बरामद हुआ। इनमें आदित्य कुमार राम उर्फ कुंदन, मोहित पासवान, ऋषभ कुमार, गुड्डू मिश्रा, सौरभ कुमार और जियाउल हबीब शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर गिरोह के झांसे में न आएं युवा
रांची पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि राहुल दुबे गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को अपने संपर्क में ला रहा है। पुलिस के अनुसार, युवकों को 30 से 40 हजार रुपये महीने देने का लालच देकर फायरिंग जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा है। कम उम्र के युवकों को पैसे और अपराध की दुनिया में पहचान बनाने का सपना दिखाया जाता है।
पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी गिरोह के संपर्क में आने से बचें। कुछ हजार रुपये के लालच में हथियार उठाने वाले युवकों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। एक आपराधिक घटना उन्हें जेल पहुंचा सकती है और उनका पूरा जीवन प्रभावित कर सकती है। सोशल मीडिया पर किसी संदिग्ध व्यक्ति या गिरोह की ओर से पैसे के बदले फायरिंग अथवा अन्य अपराध करने का प्रस्ताव मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
संगठित अपराध, रंगदारी और फायरिंग में शामिल अपराधियों के खिलाफ पुलिस की जीरो टालरेंस की नीति है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके पूरे नेटवर्क, हथियार सप्लायर और सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
-राकेश रंजन, एसएसपी, रांची।

